स्वास्थ्य से जुड़ी काम की खबरें:पेडियाट्रिक आईसीयू के लिए ऑक्सीजन पाइपलाइन बिछी, सिविल वर्क के लिए सरकार काे भेजा प्रस्ताव

धनबाद2 महीने पहले
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मेडिकल काॅलेज अस्पताल में पेडियाट्रिक आईसीयू बनाने की तैयारी फिर शुरू हाे गई है। अस्पताल प्रबंधन ने 10 बेड की यूनिट के सिविल वर्क और कुछ उपकरणाें की खरीदारी के लिए स्वास्थ्य विभाग काे प्रस्ताव भेजा है। मंजूरी मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, पीआईसीयू बनाने के लिए तीन साल पहले ही कई जरूरी तैयारियां कर ली गई थीं। वेंटिलेटर, डेफ्रीबिलेटर समेत कई उपकणाें की खरीदारी की जा चुकी है। यूनिट बनाने के लिए एनअाईसीयू के पास वाले कमरे काे चिह्नित किया गया है। वहां मेडिकल अाॅक्सीजन की सप्लाई के लिए पाइपलाइन बिछाने का काम भी लगभग पूरा हाे चुका है। प्रबंधन के मुताबिक, अस्पताल में पीअाईसीयू का काम शुरू हाेने के कुछ ही दिनाें बाद काेराेना का संक्रमण फैलने लगा था अाैर इस वजह से यूनिट का काम ठप हाे गया था। विभाग की अाेर से भी फंड का आवंटन भी रुक गया था। अब विभाग काे फिर से प्रस्ताव भेजकर फंड मांगा गया है। गाैरतलब है कि अस्पताल के पेडियाट्रिक विभाग में बड़ी संख्या में इलाज के लिए नवजाताें काे भर्ती किया जाता है, लेकिन पर्याप्त संसाधन नहीं हाेने के कारण परेशानी अाती है। अस्पताल की 12 बेड वाली एनअाईसीयू में अक्सर क्षमता से दाेगुने नवजात काे भर्ती करना पड़ता है।

मेडिकल काॅलेज अस्पताल के पेडियाट्रिक विभाग में पीअाईसीयू नहीं हाेने पर मेडिकल काउंसिल अाॅफ इंडिया लगातार अापत्ति जताती रही है। काॅलेज में एमबीबीएस की सीटें नहीं बढ़ाने की एक वजह इसे भी बताती रही है।

^पीअाईसीयू बनाने का काम शुरू हुअा था, पर काेराेना संक्रमण के कारण रुक गया था। कुछ उपकरणाें व जरूरी चीजाें की खरीदारी की जा चुकी है। सिविल वर्क अाैर शेष उपकरणाें की खरीदारी का प्रस्ताव मुख्यालय काे भेजा है।’’ - डाॅ एके वर्णवाल, अधीक्षक, एसएनएमएमसीएच

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