सरकारी ब्लड बैंक में नई व्यवस्था लागू:निजी हॉस्पिटल के मरीज काे फ्री में ब्लड नहीं, अब देने होंगे 1050 प्राेसेसिंग चार्ज

धनबाद2 महीने पहले
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सरकारी ब्लड बैंक। - Dainik Bhaskar
सरकारी ब्लड बैंक।

प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती मरीजों को यदि सरकारी ब्लड बैंक से खून लेना हो ताे उन्हें 1050 रुपए प्राेसेसिंग चार्ज देना हाेगा। एसएनएमएमसीएच स्थित जिले के एकमात्र सरकारी ब्लड बैंक में यह नियम काे मंगलवार से लागू कर दिया गया। अब तक मरीजाें काे ब्लड के लिए काेई प्राेसेसिंग चार्ज नहीं देना पड़ता था। ताजा निर्णय से रक्तदान में सहयाेग करने वाली संस्थाओं में आक्राेश है। हालांकि विभाग का तर्क है कि प्राइवेट अस्पतालाें द्वारा आयुष्मान याेजना के तहत प्रति यूनिट ब्लड का 2000 रुपए का दावा किया जाता है।

सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों काे नि:शुल्क ब्लड

एसएनएमएमसीएच स्थित ब्लड बैंक के प्रभारी डाॅ एके सिंह ने कहा कि विभागीय निर्देश के अनुसार सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीजाें काे ब्लड नि:शुल्क ही मिलेगा। इन्हें प्राेसेसिंग चार्ज भी नहीं लगेगा। यह नियम सिर्फ प्राइवेट अस्पतालाें के लिए है। प्राइवेट अस्पताल में भर्ती मरीज काे भी नि:शुल्क ब्लड मिल सकेगा, लेकिन इसके लिए अस्पताल प्रबंधन काे यह लिखित देना हाेगा कि मरीज का इलाज आयुष्मान याेजना या बीमा के तहत नहीं किया जा रहा और मरीज गरीब है।

रक्तदाताओं ने निर्णय का किया विराेध, वापसी की मांग

रक्तदान के लिए प्रेरित करने वाले समाजसेवी अंकित राजगढ़िया ने सरकार के इस निर्णय का विराेध किया है। कहा है कि हम जरूरतमंदाें को मुफ्त में ब्लड देते हैं और सरकार इसी ब्लड से पैसा कमाएगी। अर्पिता अग्रवाल ने कहा है कि सरकार के इस निर्णय से रक्तदाताओं के उत्साह में कमी आएगी।

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