महामारी में महालापरवाही / पीएमसीएच कैथ लैब नहीं बनी काेविड केयर सेंटर इसलिए... प्रखंड और पंचायत भेजे जा रहे संदिग्ध

PMCH cath lab does not become cavid care center, so ... Blocks and Panchayats are being sent suspicious
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PMCH cath lab does not become cavid care center, so ... Blocks and Panchayats are being sent suspicious

  • क्वारेंटाइन सेंटरों में जगह नहीं, कहां रहें संदिग्ध, इसकी परवाह नहीं
  • क्वारेंटाइन सेंटर फुल; बेंगलुरु से लौटे मजदूरों ने दो रात मंदिर के बरामदे में गुजारी

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:16 AM IST

धनबाद. प्रशासन ने कोरोना संदिग्धों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पीएमसीएच के खाली पड़े कैथ लैब को कोविड केयर सेंटर बनाने का निर्णय लिया था। इसे लेकर बैठकें हुई। निर्देश भी जारी किए गए। कैथलैब में 100 बेड के साथ थर्मल स्कैनर, पल्स ऑक्सीमीटर सहित अन्य जरूरी चीजाें की खरीदारी के लिए टेंडर भी निकाला गया। पर हुआ कुछ नहीं...। खाली पड़ा कैथ लैब अबतक काेविड केयर सेंटर नहीं बन सका। अब आलम यह है कि शहर में बने क्वरेंटाइन सेंटरों के फुल होने पर संदिग्ध मरीजाें काे संबंधित प्रखंड व पंचायत भेजा जा रहा है। पंचायत व प्रखंड में भेजे जाने वाले संदिग्धों में वैसे प्रवासी मजदूर भी शामिल हैं, जो रेड जोन से आ रहे हैं। रेड जोन से धनबाद आने वाले प्रवासी मजदूरों के रहने के लिए क्वारेंटाइन सेंटरों में जगह नहीं है। जिसके कारण रेड जोन से आए प्रवासी मजदूर घर जा रहे हैं। इससे महामारी फैलने का खतरा बढ़ जा रहा है। इस संबंध में पीएमसीएच के प्राचार्य डॉ. शैलेंद्र कुमार ने कहा कि कैथ लैब में काेविड केयर सेंटर के लिए सामानाें की आपूर्ति के लिए टेंडर हाे चुका है। एक-दाे दिन में सामान पहुंचते ही इंस्टालेशन का काम कराया जाएगा। सेंटर शीघ्र चालू किया जाएगा।
सुविधा नहीं रहने के कारण संदिग्ध पहुंच जा रहे घर 
प्रखंड व पंचायत स्तर पर बने क्वारेंटाइन सेंटर में सुविधाएं नहीं रहने के कारण संदिग्ध अपने घर पहुंच जा रहे हैं। दुमदुमी गांव का काेराेना संक्रमित युवक को संबंधित पंचायत के क्वारेंटाइन सेंटर में रखा गया था। जब युवक काे खोजा गया तो वह वहां नहीं था। युवक अपने घर पर मिला।
दो दिन बाद मजदूरों को मंदिर से सदर अस्पताल भेजा गया
बेंगलुरु से धनबाद के लालपुर फुटहा लौटे 11 प्रवासी मजदूरों को क्वारेंटाइन होने की सुविधा नहीं मिली। ऐसे में मजदूर गांव के बाहर हरि मंदिर परिसर में दो रात रहने को विवश हुए। सभी मजदूर बेंगलुरु से 19 मई को ट्रेन पर सवार हुए। ट्रेन 21 मई बरकाकाना पहुंची। वहां से धनबाद के 11 मजदूरों को बस से धनबाद पीएमसीएच लाया गया। देर होने के कारण प्राथमिक जांच के बाद सभी की पहली रात अस्पताल में ही गुजरी। डॉक्टर ने उन्हें अपने-अपने क्षेत्र के मुखिया या अधिकारी से मिलकर 14 दिन क्वारेंटाइन रहने की हिदायत दी। सरकार से क्वारेंटाइन होने की व्यवस्था नहीं मिलने पर गांव के लोग आगे आए। गांव वालों ने उनके लिए काली मंदिर के पास पंडाल बनाकर रहने व खाने की व्यवस्था की। पर मजदूरों ने एक मंदिर में रखने का निर्णय किया। शनिवार को बेंगलुरु से आए प्रवासी मजदूरों को बीडीओ के आदेश पर देर शाम सदर अस्पताल धनबाद भेजा गया। पुटकी के अंचलाधिकारी सुरेंद्र कुमार ने कहा कि सभी मजदूरों को अस्पताल में क्वारेंटाइन करने की व्यवस्था की जा रही है। दो दिन से मजदूरों का कोई सुधि नहीं ले रहा था।

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