भास्कर खास:प्राथमिक चर्चाएं ही हुईं, अगले साल मार्च तक वेतन समझौते की उम्मीद बेहद कम

धनबाद2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • यूनियनों के जल्द वेतन समझौते के दबाव पर सीआईएल चेयरमैन की दो टूक

लेबर यूनियनों के लगातार दबाव के बीच कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल ने दो टूक कहा कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में वेतन समझौते की कोई संभावना फिलहाल नहीं है। यूनियन तीसरी बैठक जनवरी 2022 में आयोजित कर जल्द से जल्द वेतन समझौता करने का दबाव सीआईएल पर बना रही हैं।

भास्कर के साथ बातचीत में सीआईएल चेयरमैन ने कहा कि वेतन वार्ता अभी शुरुआती चरणों में ही है। बता दें कि वेतन संशोधन को लेकर जेबीसीसीआई-11 की दो बैठकें हो चुकी हैं। वेतन समझौते पर कोल इंडिया के रुख पर सीआईएल चेयरमैन के साथ हुई बातचीत के अंश।

भास्कर : क्या वेतन संशोधन इस वित्तीय वर्ष में पूरा हो जाएगा?
चेयरमैन : वेतन वार्ता को लेकर अभी तक सिर्फ दो बार ही बैठकें हुई हैं। दोनों ही बैठकों में में अभी तक सिर्फ प्राथमिक चर्चाएं ही हो पाई हैं। इसलिए अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है, पर इस वित्तीय वर्ष में वेतन समझौता होने की फिलहाल संभावना नहीं है।

भास्कर : फिर वेतन समझौता कब तक होने की उम्मीद है?
चेयरमैन : वेतन समझौते को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने की योजना थी, पर विभिन्न कारणों से यह संभव नहीं हो सका। पूर्व में भी देखा गया है कि वेतन संशोधन को लेकर डेढ़ से दो वर्ष की निर्धारित समय सीमा में समझौता नहीं हो सका था।

भास्कर : वेतन समझौते में देरी की वजह आप क्या मानते है?
चेयरमैन : वेतन बोर्ड में सभी अनुषंगी कंपनियों के सीएमडी और चुनिंदा कंपनियों के कार्मिक निदेशक शामिल होते हैं। पर कोयला संकट के दौरान हमारी प्राथमिकता उत्पादन और डिस्पैच को बढ़ाना था। इसलिए बैठक आयोजित नहीं की जा सकी।

खबरें और भी हैं...