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सवाल-जवाब:सवाल- आखिर धनबाद के युवाओं को कब मिलेगा टीका, स्वास्थ्य मंत्री- टीका खरीदने तक नहीं दे रहा केंद्र; क्या करें

धनबाद15 दिन पहले
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बन्ना गुप्ता, धनबाद के प्रभारी मंत्री सह स्वास्थ्य मंत्री - Dainik Bhaskar
बन्ना गुप्ता, धनबाद के प्रभारी मंत्री सह स्वास्थ्य मंत्री
  • जिस जिले के प्रभारी मंत्री हैं बन्ना गुप्ता, वहीं 4 दिनों से ठप है 18+ का वैक्सीनेशन

भास्कर- आप धनबाद के प्रभारी मंत्री हैं। 18+ को कब तक वैक्सीन मिलेगी?

बन्ना गुप्ता- हमने केंद्र को 50 लाख वैक्सीन मांगी। दी गई सिर्फ 4 लाख। यह ऊंट के मुंह में जीरा की तरह है। झारखंड तो वैक्सीन का निर्माण नहीं करता। केंद्र दे नहीं रहा है। वैक्सीन की खरीदारी के लिए ग्लोबल टेंडर में शामिल हुआ तो केंद्र को इसमें एकाधिकार पर दखल लगा। पीठ पीछे वैक्सीन पर नियंत्रण ले रखा है। हमें वैक्सीन आखिरकार नहीं मिली। वैसे हम वैक्सीन की उपलब्धता के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

भास्कर- केंद्र कह रहा है कि झारखंड को भेजी गई 37 फीसदी वैक्सीन बर्बाद हुई?
बन्ना गुप्ता- यह केंद्र का केंद्र झूठा शिगूफा है। हमें फ्रंटलाइन वर्कर्स व 45 प्लस के लिए 48 लाख वैक्सीन मिली। 41 लाख वैक्सीन वैक्सीनेट हुआ। अब कहा जा रहा है कि 37 फीसदी वैक्सीन बर्बाद हो गई, जबकि यह आंकड़ा 4 प्रतिशत के आसपास है। यह अन्य राज्यों से बेहद कम है। हम गरीब राज्य के लोग हैं। खाना खाते हैं तो थाली में दाना तक बर्बाद नहीं करते। वैक्सीन कैसे बर्बाद होने देते? केंद्र महामारी को भांप ही नहीं पाया। इसी कारण 6.5 करोड़ वैक्सीन तक निर्यात कर दिया। रेमडेसिविर इंजेक्शन के वक्त में भी केंद्र ने यही किया था। जरूरत पड़ने पर हम बांग्लादेश से लेने की तैयारी कर चुके थे, परंतु केंद्र ने अड़ंगा डाल दिया था।
भास्कर- धनबाद में कोरोना से मृत्युदर पूरे राज्य में सबसे ज्यादा है। क्या वजह है?
बन्ना गुप्ता- इसी की पड़ताल के लिए हमने विशेष ऑडिट टीम बनाई है। टीम मौतों का गहराई से आकलन करेगी। टीमें जानेगी कि क्या ऑक्सीजन या वेंटिलेटर की कमी से जानें गईं, क्या मरीज का मल्टीऑर्गेन फेल हुआ, मृतकों का एजग्रुप क्या था, क्या सुविधाओं के अभाव में दम तोड़ा। मूल्यांकन के बाद सही तस्वीर सामने आएगी।

भास्कर- तीसरी लहर की क्या तैयारी है?
बन्ना गुप्ता- आशंकाओं को लेकर चिंतित हैं। इसीलिए जिला व अनुमंडल अस्पतालों से इतना दुरुस्त कर लेना चाहते हैं कि वहीं ऑक्सीजन का उत्पादन हो। पीएचसी-सीएचसी को भी अपग्रेड कर रहे हैं। बच्चों को लेकर देशभर के बड़े डॉक्टरों व डब्ल्यूएचओ के सुझाव पर अमल की तैयारी है।

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