कोयला उत्पादन प्रभावित:झारखंड में 20 तक बारिश का अलर्ट, खदानाें में भरा पानी ताे फिर काेयला उत्पादन घटेगा

धनबाद7 महीने पहलेलेखक: संजय मिश्रा
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कुइयां कोलियरी में भरा पानी। - Dainik Bhaskar
कुइयां कोलियरी में भरा पानी।

पहले माॅनसूनी बारिश, फिर दुर्गा पूजा की छुट्टी और अब दोबारा 20 अक्टूबर तक बारिश की चेतावनी। इन वजहों से एक बार फिर कोयला उत्पादन प्रभावित होने की प्रबल आशंका बन गई है। बीसीसीएल के अधिकांश ओपन कास्ट माइंस में पहले से ही जल जमाव है। अंडर ग्राउंड माइंस बंद हैं। देश में जारी बिजली संकट को देखते हुए सभी एरिया को टारगेट को पूरा करते हुए उत्पादन और डिस्पैच करने को कहा गया है, लेकिन यह संभव होता नहीं दिख रहा है।

अधिकारी बोले-तेज बारिश से 20% घट सकता है उत्पादन, ऐसे में गहरा सकता है बिजली संकट

रविवार को रह-रह कर हो रही बारिश ने प्रबंधन की चिंता एक बार फिर से बढ़ा दी है। हालांकि बीसीसीएल की 20 से अधिक खदानों में उत्पादन जारी है, लेकिन पानी के कारण उत्पादन प्रभावित है। शनिवार को 93.3 हजार टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, इसके विपरीत 70 हजार टन ही उत्पादन हो सका। वहीं डिस्पैच की भी स्थिति संतोषजनक नहीं रही।

बीसीसीएल के कुसुंडा एरिया से रोज सबसे ज्यादा उत्पादन और डिस्पैच

शनिवार को 98.3 हजार टन कोयला डिस्पैच करना था, जिसके विपरीत मात्र 64.1 हजार टन अर्थात 14 रैक कोयला पावर प्लांटों को डिस्पैच किया जा सका। कोयला अधिकारियों का मानना है कि अगर तेज बारिश हुई तो एक बार फिर कोयले के उत्पादन में 10 से 20 प्रतिशत तक कमी हो सकती है। सभी एरिया की कोलियरियों में जल जमाव है, जिससे पंप के सहारे पानी निकासी के साथ कोयला उत्पादन का काम जारी ह​

शनिवार को बीसीसीएल के 12 क्षेत्रों में उत्पादन की स्थिति
एरिया लक्ष्य लक्ष्य प्राप्ति
कुसुंडा 12.4 12.6
वेस्ट झरिया 1.5 1.5
बराेरा 10.4 2.9
ब्लॉक टू 8.9 7.5
गाेविंदपुर 6.0 0.9
पीबी एरिया 0.6 0.9
ईजे एरिया 2.9 1.4
कतरास 12.3 10.1
सिजुआ 9.2 9
बस्ताकाेला 13.3 13.1
लाेदना 10.6 7.6
सीबी एरिया 5.2 2.3
सभी आंकड़े हजार टन में।

आधे दर्जन से अधिक राज्यों में हो रही झारखंड से कोयले की आपूर्ति
उत्पादन नहीं बढ़ने से बीसीसीएल के पास काेयले का स्टॅाक नहीं बढ़ पा रहा है। शनिवार के आंकड़े के अनुसार कंपनी के पास काेयला का स्टॅाक मात्र 6.27 लाख टन शेष है। बारिश से निपटने के लिए कंपनी स्तर पर प्रयास जारी है। बावजूद इसके मॉनसून से निपटने में कठिनाइयाें का सामना करना पड़ रहा है। डीवीसी बीसीसीएल का सबसे अधिक काेयला लेने वाली कंपनी है। डीवीसी काे प्रतिदिन चार से पांच रैक ही काेयला मिल पा रहा है। झारखंड से अभी आधा दर्जन से अधिक राज्याें के पावर प्लांट में काेयले की आपूर्ति की जा रही है। इन राज्याें में यूपी के एनटीपीसी, रिलायंस पावर, बजाज एनर्जी पावर प्लांट, यूपी इलेक्ट्रिसिटी बाेर्ड, हरियाणा, पंजाब, पश्चिम बंगाल, बिहार और तमिलनाडु में काेयले की आपूर्ति युद्धस्तर पर हाे रही है।

ज्यादा बारिश होने पर उत्पादन प्रभावित हो सकता है
रविवार की बारिश से काेयला उत्पादन के प्रभावित हाेने की आशंका कम है। लेकिन बारिश के लगातार जारी रहने से उत्पादन पर इसका असर पड़ सकता है। बावजूद इसके अधिक से अधिक उत्पादन और डिस्पैच करने का प्रयास जारी है। पावर प्लांटाें काे अधिक से अधिक काेयला उपलब्ध करने का प्रयास किया जा रहा है। -पीएम प्रसाद, सीएमडी, बीसीसीएल