• Hindi News
  • Local
  • Jharkhand
  • Dhanbad
  • Rare Combination Of Tripushkar Yag Is Being Formed By Combining Uttarashada And Shravana Nakshatra In Chhath, Very Auspicious For The Devotees.

छठ महापर्व:छठ में उत्तराषाढ़ और श्रवणा नक्षत्र काे मिलाकर त्रिपुष्कर याेग का बन रहा दुर्लभ संयाेग, व्रतियों के लिए बेहद शुभ

धनबादएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • नहाय-खाय के साथ कल से शुरू होगा लोकआस्था का महापर्व, 9 काे खरना, 10 काे पहला अर्घ्य, 11 नवंबर काे पारण

नहाय-खाय के साथ साेमवार से चार दिवसीय छठ महापर्व शुरू हाे जाएगा। छठ काे लेकर व्रतियाें के घराें में तैयारियां तेज हैं। साेमवार काे व्रती पवित्र जल में स्नान कर भगवान सूर्य काे अर्घ्य अर्पण कर और फिर अरवा चावल, कद्दू, चना दाल आदि का प्रसाद ग्रहण कर व्रत शुरू करेंगे। मंगलवार काे खरना और बुधवार काे अस्ताचलगामी भगवान सूर्य काे अर्घ्य अर्पण होगा। गुरुवार काे उगते सूर्य देवता काे अर्घ्य अर्पण किया जाएगा। पंडिताें और ज्याेतिषियाें की मानें ताे इस बार छठ महापर्व त्रिपुस्कर याेग का संयाेग बन रहा है।

ज्याेतिषाचार्य पंडित रमेश चंद्र त्रिपाठी का कहना है कि मंगलवार रात 10:54 बजे से बुधवार रात 9:36 बजे तक उत्तराषाढ़ और श्रवणा नक्षत्र है। बुधवार रात 9:37 बजे से गुरुवार रात 8:36 बजे तक श्रवणा नक्षत्र है। इस तरह सूर्य षष्ठी महापर्व पर प्रथम (अस्ताचलगामी) और दूसरे (उदीयमान) अर्घ्य काे त्रिपुष्कर याेग का संयाेग बन रहा है जाे छठ व्रतियाें के लिए बहुत की शुभ है। दैहिक, दैविक और धार्मिक तीनाें दृष्टिकाेण से फलदायी है।

कल से व्रतियाें का शुरू हाे जाएगा 24 घंटे का निर्जला उपवास

हिंदू पंचांगाें के अनुसार रविवार रात 8:36 बजे से साेमवार शाम 6:15 बजे तक कार्तिक शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि है। इसके बाद पंचमी तिथि शुरू हाे जाएगी। साेमवार काे नहाय-खाय के बाद रात में प्रसाद ग्रहण के बाद व्रतियाें का 24 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हाे जाएगा। दिनभर निर्जला उपवास के बाद शाम में विधि-विधान से खरना होगा। मिट्टी के चूल्हे पर गुड़ व गाय के दूध में खीर और घी में चुपड़ी आटा की राेटी प्रसाद बनेगा। इसके बाद केले के पत्ते पर छठी मइया काे प्रसाद अर्पण करेंगे। इसके बाद प्रसाद ग्रहण किया जाएगा।

नेऊज का प्रसाद ग्रहण करने से बढ़ती है समृद्धि
छठ पर नेऊज का प्रसाद व्रती विशेष ताैर पर परिवार के सदस्याें के लिए निकालते हैं। नेऊज का प्रसाद गका विशेष महत्व है। एेसी मान्यता है कि छठ मइया का नेऊज प्रसाद ग्रहण करने से आराेग्य के साथ सुख, समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति हाेती है। इस प्रसाद काे विशेष ताैर पर व्रती के परिवार के लाेग ही ग्रहण करते हैं। इसके बाद खरना के प्रसाद अन्य ग्रहण करते हैं।

खबरें और भी हैं...