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नगर निगम में फिजूलखर्ची:ढाई लाख में सभी पांच जेसीबी मशीनों की मरम्मत संभव फिर भी किराये पर ली जेसीबी, भाड़ा 4.80 लाख दिया

धनबादएक महीने पहले
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  • अपनी 5 जेसीबी होने के बावजूद नगर निगम में सफाई का जिम्मा किराए की जेसीबी मशीन पर
  • 6 माह से चल रही भाड़े की जेसीबी, पर अपनी मशीनों की मरम्मत नहीं कराना चाहते अफसर

नगर निगम में फिजूलखर्ची की एक और बानगी...। निगम के पास अपनी पांच जेसीबी मशीनें हैं, परंतु फिर भी किराए पर जेसीबी मशीन लेकर चलाई जा रही है। इस मद में हर माह 80 हजार का भुगतान किया जा रहा है। इस जेसीबी मशीन को अप्रैल में किराए पर लिया गया था और सितंबर माह तक कुल किराया 4 लाख 80 हजार रुपए हो चुका है। किराए में लगभग तीन लाख रुपए का भुगतान भी किया जा चुका है। वहीं, निगम की अपनी जो जेसीबी मशीनें हैं, वे खराब पड़ी हैं। काेई चार माह से खराब है ताे काेई दाे माह से।

पांच में से चार की स्थिति पहले से ही खराब थी। जो इकलौती मशीन चल रही थी, वह भी ढाई माह पूर्व खराब हो गई। तीन साल पहले इन मशीनों की खरीदारी हुई थी। मशीनों के रखरखाव के लिए जिम्मेवार सेक्शन की माने तो खराब मशीनों की मरम्मत मे दो से ढाई लाख रुपए खर्च है। खराब जेसीबी काे दुरुस्त कराने की बजाय निगम ने सरल रास्ता खाेजा और एक जेसीबी काे किराए पर ले लिया। छह माह से उसी जेसीबी से काम चलाया जा रहा है। सूत्राें की मानें ताे जेसीबी मरम्मत के लिए फाइल भी बढ़ाया गया, लेकिन अफसराें ने इस पर काेई ध्यान नहीं दिया।

कोरोना से पहली मौत पर शव दफनाने के लिए किराए पर ली

निगम ने किराए में ली जेसीबी मशीन का किराया 80 हजार निर्धारित कर रखा है। निगम काे भाड़ा पर जेसीबी लेने का निर्णय काेराेना महामारी के कारण लेनी पड़ी। जिले में काेराेनाे से हुई पहली माैत के बाद शव दफनाने के लिए जिला प्रशासन ने निगम से जेसीबी की मांग कर दी। तत्कालीन आयुक्त चंद्रमाेहन कश्यप ने तुरंत किराए पर जेसीबी लेकर जिला प्रशासन काे उपलब्ध करा दिया। उसके बाद से ही यह जेसीबी निगम में भाड़े पर ही चल रही है और अभी तक इस व्यवस्था में काेई बदलाव नहीं किया गया है।

निगम के सभी अंचलों के लिए खरीदी गई थी जेसीबी
निगम के सभी अंचलों के लिए वित्तीय वर्ष 1916-17 में एक साथ 5 जेसीबी मशीनों की खरीदारी की गई थी। निगम के अफसरों के अनुसार, दो साल तक सभी अंचल में सफाई कार्य जेसीबी मशीन की मदद से ही कराया गया। बीच में खराबी होने पर जेसीबी की रिपेयरिंग भी कराई गई, लेकिन बाद में जेसीबी की मरम्मत पर ध्यान देना छोड़ दिया गया। नतीजतन एक-एक कर सभी जेसीबी मशीन ब्रेकडाउन हो गई।

जेसीबी का मरम्मत कार्य हो गया है शुरू: नगर आयुक्त

जेसीबी मशीनों के ब्रेकडाउन हाेने के कारण ही भाड़ा पर जेसीबी मशीन ली गई। खराब पड़े जेसीबी का मरम्मत कार्य शुरू हो गया है। कतरास अंचल का जेसीबी ठीक हो गया है। सभी अंचल के कार्यपालक पदाधिकारी से मरम्मत कार्य का एस्टिमेट बना कर भेजने को कहा है। एस्टिमेट मिलते ही मरम्मत कराया जाएगा

- सत्येंद्र कुमार, नगर आयुक्त

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