कोरोना से जंग / काेराेना काे मात देने काे किसी ने छतरी, किसी ने रस्सी तो किसी ने पाइप काे बनाया साेशल डिस्टेंसिंग का हथियार

Someone gave an umbrella to beat Kareena, someone made a rope, someone made a pipe, a weapon of special distancing
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Someone gave an umbrella to beat Kareena, someone made a rope, someone made a pipe, a weapon of special distancing

  • अब तक इस वायरस से निपटने की काेई दवा या वैक्सीन नहीं बनी लेकिन संक्रमण से बचने के लिए लोग कर रहे नए-नए उपाय...

दैनिक भास्कर

May 30, 2020, 07:35 AM IST

धनबाद. (रवि मिश्रा ) आवश्यकता ही आविष्कार की जननी हाेती है। कुछ ऐसा ही काेराेना के संक्रमण काल में भी दिख रहा है। चूंकि अभी तक इस वायरस से निपटने की काेई दवा या वैक्सीन नहीं बनी। साेशल डिस्टेंसिंग ही एकमात्र उपाय समझा जा रहा है।

ऐसे में लाेगाें ने साेशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करने के नए-नए उपाय कर लिए हैं। अपने-अपने तरीकाें से दाे लाेगाें के बीच एक से डेढ़ मीटर का गैप रखा जा रहा है, ताकि काेई संक्रमित हाे ताे भी दूसरे उसके संपर्क में न आ सकें। इसकी शुरुआत ग्रामीण क्षेत्राें से हुई थी, जहां लाेगाें ने मुहल्ले की साेशल डिस्टेंसिंग के लिए रास्ते काे ही बांस से घेरना शुरू किया। इसके बाद शहर में भी काॅलाेनिाें में ऐसे उपाय देखने काे मिले। अब बाजार में भी कहीं बांस-बल्ली ताे कहीं रस्सी से घेरा लगाया गया है ताे कहीं अन्य उपाय किए हैं।

....ताकि घर में नहीं हाे बाहरी का प्रवेश

हाउसिंग काॅलाेनी के सुजीत कुमार ने झाेले काे रस्सी में बांध रखा है। दूध विक्रेता दूध लेकर अाया हाे या काेई सामान डिलीवरी के लिए काेई अाया हाे, उसे झाेले में ही सामान लेकर रस्सी से खींच लेते हैं। इससे बाहरी काे घर में प्रवेश देने की जरूरत नहीं हाेती अाैर साेशल डिस्टेंसिंग बनी रहती है। काेराेना संक्रमण से पहले तक यह उपाय नहीं किया गया था।

...सिर्फ तेल बंटे, काेराेना नहीं

काेराेना के डर के बीच साेशल डिस्टेंिसंग का अच्छे से पालन के लिए राेज नए-नए उपाय किए जा रहे हैं। एेसे ही जिला परिषद के निकट मुख्य सड़क पर स्थित अाॅयल मिल ने पाइप के सहारे दूर से ही ग्राहकाें काे तेल देने का उपाय किया है। इसके लिए कीप में पाइप लगाया गया है अाैर तराजू काे दुकान के बाहर रखा गया है।

दाे छतरियों के बीच डेढ़ मीटर की दूरी

समाधान संस्था की अाेर से हीरापुर, लाेदना अाैर झरिया में लाेगाें के बीच 49 छतरी का वितरण किया गया था। काेशिश लाेगाें काे संदेश देना कि बाजार जब भी अाएं, छतरी लेकर ही अाएं। छतरी लाएं ताे उसे खाेल कर खरीदारी करें। इससे न केवल धूप या बारिश से बच सकेंगे, बल्कि दाे छतरी के बीच डेढ़ मीटर की दूरी हाेने से साेशल डिस्टेंसिंग भी बनी रहेगी।

...इन्होंने अपनाए ये नुस्खे

  •  दूर खड़े हाेकर ही लें सब्जी व सामान : एलसी राेड चेंबर सचिव दिनेश मंडल ने अपनी दुकान के बाहर लाल रस्सी से घेरा लगा रखा है, ताकि लाेग बिना नजदीक अाए दूर से ही सामान लें। वहीं पास की एक दुकान में बांस का घेरा लगाया गया है।
  •  घेरे में रहें, दवाइयाें के साथ मास्क भी लें : बीएसएस काॅलेज के सामने दवा दुकान में काउंटर से पहले लाल फीता लगाया गया है। यहां शिशु राेग विशेषज्ञ डाॅ अशाेक तालपात्रा बच्चाें का परीक्षण करते हैं। इसलिए परिजनाें में दूरी रखने के लिए घेरे बनाए गए हैं। 
  •  बाजार में बढ़ा डििजटल भुगतान का चलन : पुलिस लाइन सब्जी बाजार में अालू अाैर प्याज के 3 से 5 किलाे के पैकेट बना कर रख दिए गए हैं ताकि लाेग जल्द सामान लेकर जाएं। हीरापुर, बरटांड़ सहित तमाम बाजाराें में अाॅनलाइन पेमेंट पर जाेर दिया रहा है।

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