जानें कौन सा समय रहेगा शुभ:चित्रगुप्त पूजा में तुला, वृश्चिक व धनु देवलग्नाें का संयाेगसुबह 7:24 से 11:45 बजे तक आराधना का सर्वोत्तम मुहूर्त

धनबादएक महीने पहले
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हाउसिंग कॉलोनी में चित्रगुप्त पूजा के लिए तैयार हो रहा पंडाल - Dainik Bhaskar
हाउसिंग कॉलोनी में चित्रगुप्त पूजा के लिए तैयार हो रहा पंडाल

कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया पर शनिवार काे भैयादूज मनेगा। वहीं चित्रगुप्त पूजा भी मनाई जाएगी। ऋषिकेश पंचांग में शुक्रवार की देर रात 1:19 बजे से शनिवार की रात 11 बजे तक कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया है। अर्थात दिनभर द्वितीया तिथि भाेग कर रही है। भैयादूज पर बहनें भाइयों की लंबी उम्र के लिए व्रत रख-पूजा अर्चना करेंगी। बहनें विशेष ताैर पर विभिन्न तरह के पकवान बनाकर ईष्ट देवी-देवताअाें काे भाेग अर्पण करेंगी। इसके बाद प्रसाद स्वरूप अपने भाइयों काे विभिन्न तरह के पकवान खिलाएंगी। शनिवार काे ही कायस्थ परिवार कलम-दवात रख अपने ईष्टदेव चित्रगुप्त भगवान की पूजा-अर्चना करेंगे। पंडिताें अाैर ज्याेतिषियाें की मानें ताे इस बार भैया दूज अाैर चित्रगुप्त पूजा पर तीन देव लग्न का संयाेग बन रहा है। पंडित रमेश चंद्र त्रिपाठी का कहना है कि सुबह 7:24 से दाेपहर 11:45 बजे तुला, वृश्चिक अाैर धनु लग्न भाेग कर रहा है। तीनाें लग्न देवलग्न माने गए हैं, जाे पूजा-अर्चना के लिए सर्वाेत्तम मुहूर्त है। सच्चे मन से ईष्ट देव की पूजा-अर्चना शुभ फलदायी है। भगवान हर तरह की मनाेकामनाएं पूर्ण करेंगे।

शहर के कई मोहल्लों में स्थापित होंगी भगवान चित्रगुप्त की प्रतिमाएं

धनबाद अाैर अासपास के क्षेत्राें में चित्रगुप्त पूजा काे लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। शहर में विभिन्न मुहल्लाें में बड़ी संख्या में चित्रगुप्त पूजा अायाेजित की जाती है। कायस्थ परिवार पूजा पंडालाें में भगवान चित्रगुप्त की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना करते हैं। घराें में भी चित्रगुप्त भगवान की फाेटाे के सामने पूजा होती है। कलम, दावत अाैर अाय-व्यय का ब्याेरा रखते हैं। विभिन्न तरह के प्रसाद अाैर साेमरस अर्पित कर अर्चना की जाती है। चित्रगुप्त भगवान की अारती कर सुख-समृद्धि अाैर अाय में वृद्धि की कामना की जाएगी।

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