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  • The Chief Minister Has Given Instructions To Vaccinate Everyone By January 20, In Such A Situation, 18494 Will Have To Be Vaccinated Only Then Will 100% Vaccination Be Possible.

ओमिक्राॅन का खतरा:मुख्यमंत्री ने 20 जनवरी तक सबकाे टीका लगाने का दिया है निर्देश, ऐसे में18494 काे राेजाना लगानी होगी वैक्सीन तभी हो सकेगा 100 प्रतिशत टीकाकरण

धनबादएक महीने पहलेलेखक: जीतेंद्र कुमार
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  • 67% काे लगी पहली डाेज, अभी राेजाना 3268 काे टीका, ऐसे में 28 जून तक पूरा होगा लक्ष्य

काेराेना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्राॅन के मामले देश में बढ़ते जा रहे हैं। इसे देखते हुए 9 दिसंबर काे झारखंड के सीएम ने 40 दिनाें के अंदर यानी 20 जनवरी तक राज्य के 18 साल या अधिक उम्र के सभी लाेगाें काे वैक्सीनेेट करने का निर्देश दिया था।

हालांकि, माैजूदा रफ्तार काे देखते हुए सिर्फ पहली डाेज लगाने में ही कम-से-कम 198 दिन लग जाएंगे। 20 जनवरी तक सबकाे टीका देने के लिए जिले में राेजाना 18500 काे वैक्सीन देनी हाेगी। यह अब तक के एक दिन के सर्वाधिक करीब 16 हजार डाेज से भी ज्यादा है।

धनबाद में 18 साल या अधिक के 19,61,477 लाेगाें के टीकाकरण का लक्ष्य है। साेमवार तक 67% काे ही पहली डाेज लगाई जा सकी है। सीएम के निर्देश के बाद भी वैक्सीनेशन में तेजी नहीं आई है। पिछले चार दिनों में सर्वाधिक 4057 लाेगाें काे ही पहली डाेज दी जा सकी है। पिछड़ने का असल कारण है कि टीकाकरण के लिए खास मैकेनिज्म है ही नहीं।

बाघमारा-टुंडी प्रखंड फिसड्डी, बलियापुर-धनबाद बेहतर

जिले के 8 प्रखंडाें में वैक्सीनेशन की स्थित सबसे अच्छी बलियापुर और धनबाद प्रखंड की है। बाघमारा और टुंडी प्रखंडाें में यह सबसे खराब है। बलियापुर में 116175 के लक्ष्य के मुकाबले 104571 काे और धनबाद प्रखंड में लक्ष्य 459379 के मुकाबले 394400 काे टीका लगाया गया है।

वैक्सीनेशन में पीछे रहने के कारण

  • कारण 1... दूसरे जिलाें की तुलना में शुरू से ही वैक्सीनेशन धीमा रहा
  • उपाय.. अब पर्याप्त डाेज उपलब्ध, इसलिए टीकाकरण की गति बढ़ानी चाहिए
  • कारण 2... पहली डाेज लेनेवालाें में से बड़ी संख्या में दूसरी डाेज पेंडिंग है।
  • उपाय.. ऐसे लाेगाें काे चिह्नित कर टीका लेने के लिए प्राेत्साहित किया जाए।
  • कारण 3... अभी वैक्सीन उपलब्ध है, इसके बावजूद लाेग नहीं ले रहे हैं।
  • उपाय.. सख्ती हाे और जागरूक किया जाए, ताे लाेग आगे आ सकते हैं।
  • कारण 4... वैक्सीनेशन बढ़ाने के लिए अभी तक काेई राेडमैप नहीं है।
  • उपाय.. विभाग काे तुरंत सभी जिलाें काे राेडमैप भेजना चाहिए।
  • कारण 5... वैक्सीनेशन के प्रति लाेगाें के मन में अब भी संदेह है।
  • उपाय.. नियमित रूप से जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए।

केंद्राें की संख्या दाेगुनी करने की याेजना धरातल पर नहीं उतरी

वैक्सीनेशन की गति बढ़ाने के लिए पिछले दिनाें जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने केंद्राें की संख्या दाेगुना करने की बात कही थी। हालांकि, इसे धरातल पर नहीं उतारा जा सका है। मेगा कैंप में हर राेज 500 लाेगाें काे टीका लगाने का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन मुश्किल से 50 फीसदी ही वैक्सीनेशन हाे रहा है।

प्रखंडाें में वैक्सीनेशन सेंटर बढ़ाने की जिम्मेवारी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी, बीडीओ व सीओ की है। हालांकि, किसी प्रखंड से केंद्राें की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव नहीं मिला है। हालांकि, पिछड़ रहे प्रखंडाें में विशेष अभियान चलाया जा रहा है।’’ - डाॅ विकास कुमार राणा, नाेडल पदाधिकारी, काेविड 19 वैक्सीनेशन, धनबाद

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