एसएमएमएसीएच बच्चा चाेरी प्रकरण:तीन साल से नहीं हाे रहा था बच्चा, ससुराल वाले देेते थे ताना, गर्भवती का नाटक रच नवजात काे ले भागी

धनबादएक महीने पहले
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बच्चा चोरी में पकड़ी गईं मां-बेटी को जेल ले जाती पुलिस। - Dainik Bhaskar
बच्चा चोरी में पकड़ी गईं मां-बेटी को जेल ले जाती पुलिस।
  • पुलिस ने अस्पताल से बच्चा चाेरी के आराेप में मां-बेटी काे जेल भेजा, काजल ने कहा-

एसएनएमएमसीएच में बच्चा चाेरी के आराेप में बुधवार की रात राजगंज से पकड़ी गई मां तेजिया देवी व बेटी काजल देवी काे सरायढेला पुलिस ने गुरुवार काे काेर्ट में प्रस्तुत करने के बाद जेल भेज दिया। जेल जाने से पहले आराेपी काजल देवी ने पुलिस के समक्ष कई सवालाें काे जवाब दिए। उसने बताया कि बच्चा नहीं हाेने पर पति व ससुराल वाले लगातार ताना देते थे।

वह किसी भी तरह बच्चा पाना चाहती थी। छह माह पहले उसका गर्भ खराब हाे गया था। इससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान थी। कुछ दिन पहले वह अपने मायका राजगंज अा गई। मायका में रहते उसने बच्चा चाेरी करने का प्लान किया। इसमें मां काे भी शामिल किया। पुलिस काे बताया कि मायका में कुछ दिनाें तक पेट पर कपड़ा बांधकर गर्भवती हाेने का स्वांग भी रचा।

घटना के दिन बच्चे की डिलेवरी कराने की बात कह मां व चचेरी बहन के साथ अस्पताल पहुंची। अस्पताल में डिलेवरी रूम के तरफ गई। जहां एक बच्चे की डिलेवरी हुई थी, उसकी दादी गाेद में लेकर खड़ी थी। बच्चे काे अपनी गाेद में लिया। तभी दादी कहीं चली गई, ताे माैका देख बच्चे काे लेकर अस्पताल से बाहर निकल गई।

मां काे बच्चे काे दिखाया और ऑटाे से अपने मायका राजगंज वापस लाैट गई। उसकी शादी वर्ष 2018 में गाेमिया के कंचराे का रहने वाला टेकलाल महताे से हुई थी। जेल भेजने से पहले पुलिस आराेपी काजल देवी का प्रसुता जांच भी कराई।

बच्ची काे लेकर साेई हुई थी आराेपी काजल देवी
पुलिस छापेमारी करने रात 10 बजे मुक्तेश्वर महताे के घर पहुंची ताे देखा कि बच्चा खाट पर लेटा है। उसकी मां बाहर चटाई पर साेई हुई थी। बच्चे काे देख पुलिस ने काजल देवी से पूछा ताे बताया कि वह उसका बच्चा है। एसएनएमएमसीएच में बच्चे की डिलेवरी हुई है। पुलिस ने डिस्चार्ज स्लिप दिखाने काे कहा ताे बहाना बनाया कि वह अस्पताल में ही छूट गया है। हालांकि पूछताछ के बाद सच सामने अा गया।

पहचान न हाे इसलिए कपड़ा छुपा दिया था
घटना के बाद सीसीटीवी में कैद मां-बेटी व बच्ची का फुटेज वायरल हाे गया था। कपड़े के आधार पर पुलिस आराेपी महिला की पहचान करने में जुटी। पकड़े जाने पर दाेनाें महिलाओ से पहने हुए कपड़ा काे लेकर पूछताछ की ताे बताया कि वह उनका कपड़ा नहीं है। कड़ाई से पूछताछ करने पर छत पर कार्टन में छिपाकर रखा गया मां-बेटी का कपड़ा बरामद हाे गया। काजल ने बताया कि उसकी चाची काे बच्चा हुआ है। अस्पताल से चाेरी हुए बच्चे काे चाची ही अपना दूध पिलाती थी।

एक काॅलर के काॅल से बरामद हुआ बच्चा
बच्चा चाेरी हाेने के बाद पुलिस की टीम लगातार छानबीन कर रही थी। अचानक रात 9 बजे एक फाेन आया। काॅलर ने बताया कि बच्चा चाेरी हाेने का मामला का पता चला है। एक महिला के पास बच्चा है। मामला कुछ संदिग्ध है। सूचना मिलने के बाद एसएसपी संजीव कुमार ने राजगंज थाने काे भी अलर्ट कर दिया।

एएसपी मनाेज स्वर्गियारी व थानेदार किशाेर तिर्की काे छाेपमारी करने काे कहा गया। सरायढेला थाना के दाराेगा वन बिहारी कुमार, साेनिका वर्मा व सुदर्शन मिंज राजगंज पुलिस की मदद से छापेमारी कर बच्चे काे बरामद कर लिया। इसके पहले सीसीटीवी से पुलिस इस बात का पता लगा चुकी थी कि बच्चा चाेरी करने के बाद मां-बेटी ऑटाे के पीछे बैठ कर गई थीं।

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