दर्द को इंसाफ आज:रांची की आदिवासी युवती से बरवाअड्डा में दरिंदगी करने वाला दोषी करार

धनबादएक महीने पहले
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25 सितंबर 2018 - Dainik Bhaskar
25 सितंबर 2018
  • अदालत आज सुनाएगी सजा पर फैसला, 39 माह बाद मिलेगा न्याय
  • दरिंदों ने तोड़ दिया था जबड़ा, आज भी बोल नहीं पाती है पीड़िता

रांची के मांडर की आदिवासी लड़की को नौकरी के नाम पर बहला-फुसलाकर बरवाअड्डा लाकर सामूहिक दुराचार के केस में कोर्ट ने मुख्य आरोपी परितोष पांडेय को दोषी करार दिया। वहीं इसी केस के तीन अन्य आरोपी प्रकाश हाजरा, कुंदन हाजरा एवं गुड्डू कुमार को साक्ष्य के अभाव में बरी करने का आदेश दिया गया। यह मुकदमा जिला एवं सत्र न्यायाधीश षष्टम सह एससी एसटी एक्ट के विशेष न्यायाधीश सुजीत कुमार सिंह की अदालत में चल रहा था। मंगलवार को इस मुकदमे का जजमेंट की तिथि तय थी।

कोर्ट ने सुनवाई के बाद परितोष को दोषी पाया। परितोष की सजा बिंदु पर बुधवार को कोर्ट में सुनवाई होगी। परितोष समेत प्रकाश हाजरा एवं गुड्डू कुमार न्यायिक हिरासत में धनबाद जेल में बंद हैं, वहीं कुंदन हाजरा जमानत पर जेल से बाहर था।

आदिवासी युवती के साथ यह घटना 24 सितंबर 2018 की रात बरवाअड्डा के पंडुकी फुटबॉल मैदान में हुई थी। युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। फिर ईंट-पत्थर से बुरी तरह मारकर उसे मरा समझकर आरोपी भाग निकले थे। अगले दिन सुबह उसे बेहद गंभीर अवस्था में एसएनएमएमसीएच में भर्ती कराया गया था। फिर रिम्स में इलाज हुआ।

अ‌र्द्धनग्न हाल में खून से लथपथ अचेत मिली थी युवती

पंडुकी मैदान के पास झाड़ियों में अर्द्धनग्न हाल में युवती अचेत मिली थी। वह खून से लथपथ थी। प्रथमदृष्टया ही यह साफ हो गया था कि युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ है। साक्ष्य मिटाने के लिए उसकी जान लेने की कोशिश की गई। दुष्कर्म करने वाले उसे मरा समझ छोड़ गए। पुलिस ने आधार पंजीकरण रीडिंग डिवाइस से युवती की अंगुलियों का निशान लेकर उसकी पहचान की थी।

पुलिस के लिए ब्लाइंड केस था, यहां पीड़िता के मोबाइल ने खोला था राज

दूसरे दिन युवती ने होश में आने पर अपना मोबाइल नंबर बताया। पीड़िता के मोबाइल नंबर का कॉल डिटेल खंगाला शुरू किया तो पंडुकी निवासी परितोष पांडेय का मोबाइल नंबर मिला। घटना की रात और पहले भी युवती और परितोष के बीच मोबाइल पर बातचीत की पुष्टि हुई। मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने परितोष व अन्य को गिरफ्तार किया।

परितोष ने दोस्तों को बुलाया, गैंगरेप के बाद मरा समझ कर भाग गया था

परितोष ने पूछताछ में पुलिस के समक्ष स्वीकार किया कि युवती से उसकी पहले से जान-पहचान थी। युवती को नौकरी दिलाने का झांसा देकर बरवाअड्डा ले आया। पहले ही तीनों दोस्तों को बरवाअड्डा किसान चौक पर बुला रखा था। वहां से दोस्तों के साथ युवती को बाइक पर लेकर पंडुकी मैदान पहुंचा। फिर दोस्तों संग शराब पार्टी की। इसके बाद चारों ने मिलकर दरिंदगी की।

बेंगलुरु में मजदूरी कर रहे पीड़िता के भाई ने भास्कर से कहा, सिसक-सिसककर जिंदगी गुजार रही बहन, टूटे जबड़े व दांतों का दर्द, आंखों में अब सिर्फ आंसू...आज उसे न्याय मिल सकेगा

पीड़िता के भाई ने भास्कर से बातचीत में बताया-गरीब होना अभिशाप है। पहले ही पिता एक दुर्घटना में एक पैर खो चुके हैं। एक भाई आज तक रहस्यमय ढंग से गायब है। पुलिस उसका सुराग नहीं लगा पाई। बहन घर चलाने के लिए रांची में झाड़ू-पोछा करने लगी, परंतु वहशियों ने उसे भी नहीं बख्शा। अब कोर्ट से तीन आरोपियों की रिहाई की खबर मिल रही है। बहन की जिंदगी तबाह हो चुकी है। आज तक जबड़ा जुड़ा नहीं। बामुश्किल बोल पाती है। वह मांडर में ही गांव में सिसक-सिसक कर जिंदगी गुजार रही है। टूटे जबड़े का दर्द, हर पल की बेचैनी, आंखों का आंसू... आज उसे न्याय मिलेगा। पूरे परिवार को सजा का इंतजार है।

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