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बीसीसीएल की रिपाेर्ट:आज हाईपावर कमेटी को रिपोर्ट सौंपेंगे जेआरडीए और बीसीसीएल उस पर कल कोल सचिव तय करेंगे झरिया मास्टर प्लान का भविष्य

धनबाद10 दिन पहले
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  • झरिया में आग की मौजूदा क्या स्थिति है और क्या सभी प्रभावित लोगों का पुनर्वास संभव हो सकेगा, इस पर केंद्र सरकार ले सकती है अहम फैसला

झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकार धनबाद और बीसीसीएल की रिपाेर्ट पर झरिया मास्टर प्लान का भविष्य तय हाेगा। मास्टर प्लान के आधार अब तक की प्रगति, अग्नि व भू-धंसान प्रभावित क्षेत्राें से कितने लाेगाें काे बाहर निकाला गया, पुनर्वास काे लेकर क्या अड़चनें आ रही हैं, झरिया व आसपास के क्षेत्राें में आग व भूधंसान की क्या स्थिति है, आग पर काबू पाने काे लेकर बीसीसीएल द्वारा क्या उपाय किए गए, कितनी प्रतिशत आग पर काबू पाया गया, जियाे व सैटेलाइट मैपिंग में आग की क्या स्थिति है सहित सभी बिंदुओं पर जेआरडीओ और बीसीसीएल प्रबंधन काे रिपाेर्ट तैयार साेमवार तक हाई पावर कमेटी काे साैंपनी है।

झरिया पुनर्वास याेजना के आकाे लेकर मिनिस्ट्री ऑफ काेल की टेक्निकल टीम झरिया, सिजुआ सहित अन्य क्षेत्राें काे दाैरा कर गई है जाे हाईपावर कमेटी काे अपनी रिपाेर्ट साैंपेगी। तीनाें के रिपाेर्ट के आधार पर 14 सितंबर काे नई दिल्ली में काेल सचिव डाॅ अनिल कुमार जैन की अध्यक्षता में हाईपावर कमेटी विचार करेगी। सभी बिंदुओं पर मंथन के बाद कमेटी दाे महीने में झरिया पुनर्वास याेजना की दिशा और दशा तय करेगी। बैठक में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकार के अधिकारी, राज्य के मुख्य सचिव, बीसीसीएल सीएमडी, आईआई आईएसएम के प्राेफेसर सहित अन्य भी रहेंगे।

आग व भू-धंसान के कारण प्रभावित परिवाराें की मांगी सूची

हाईपावर कमेटी काे रिपाेर्ट साैंपने लेकर जेआरडीए और बीसीसीएल प्रबंधन तैयारियाें में जुटे है। अग्नि व भू-धंसान के कारण अब तक कितने परिवार प्रभावित हुए हैं, जेआरडीए ने बीसीसीएल प्रबंधन से इसकी सूची मांगी है। प्रभारी पदाधिकारी अमर प्रसाद का कहना है कि बीसीसीएल प्रबंधन से पूर्व में हुए हादसाें के साथ सैटेलाइट मैपिंग रिपाेर्ट भी मांगी गई है, जिससे पता चल पाए कि आग की क्या स्थिति है। सभी बिंदुओं पर रिपाेर्ट तैयार कर राज्य सरकार व हाईपावर कमेटी काे भेजी जाएगी।

हर मास्टर प्लान में विस्थापिताें के बदलते रहे आंकड़े

अग्नि एवं भू-धंसान की गंभीरता काे देखते हुए 2004 में झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकार धनबाद का गठन किया गया। खतरनाक स्थानाें में कितने लाेग रह रहे हैं, बीसीसीएल प्रबंधन से सर्वे कराया गया। 2008 के मास्टर प्लान में फिर सर्वे हुआ, जिसमें 54 हजार गैर रैयत परिवाराें काे बसाने की याेजना बनी। इनमें 2662 परिवाराें काे ही अबतक बसाया गया है। अप्रैल 2019 में बीसीसीएल के 595 प्वाइंट्स का सर्वे हुआ, इसमें 1.04 लाख परिवाराें काे पुनर्वास के लिए चिह्नित किया गया। इनमें 32 हजार रैयत और 72 हजार गैर रैयत परिवार हैं।

10 हजार एकड़ जमीन की जरूरत, जाे उपलब्ध नहीं

झरिया पुनर्वास काे लेकर सबसे बड़ी दिक्कत जमीन की उपलब्धता है। 1.04 लाख परिवाराें काे स्मार्ट सिटी की तर्ज पर बसाने के लिए 10 हजार एकड़ जमीन की जरूरत है। बीसीसीएल ने अब तक 700 एकड़ जमीन प्रशासन और जेआरडीए काे दिखाई है। इनमें ज्यादातर विवादित हैं।

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