मकर संक्रांति:आज माैसम रहेगा पतंगबाजी के अनुकूल खिली धूप के बीच बहती रहेगी हल्की हवा

धनबाद7 दिन पहले
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  • मकर संक्रांति काे लेकर बाजार में पंतग व बरेली मांझा की जमकर हुई खरीदारी, बच्चाें काे खूब भाए डाेरेमाॅन, छाेटा भीम व स्पाइडरमैन वाली पतंग
  • संक्रांति का बाजार, 20% महंगा हुआ तिलकुट 4 लाख ली. दूध की डिमांड

मकर संक्रांति में मौसम सुहाना रहेगा। पतंगबाजी के लिए हवा मुफीद साबित हो सकती है, क्योंकि 3 से 5 किमी की रफ्तार से हवा चल सकती है। शुक्रवार व शनिवार को आसमान में बादलों की आवाजाही के बीच धूप खिली रहेगी, पर पतंगबाजी के लिए हवा साथ देगी। वहीं बाजार में इलेक्ट्राे ड्रैगन, पब्जी, एवेंजर, स्पाइडर मैन, छाेटा भीम, बार्बी जैसे कैरेक्टर वाले पतंग अटे पड़े हैं।

इस बार बरेली मांझा की खासा डिमांड है। मकर संक्रांति को लेकर अन्य बाजार भी गदगद हैं। चूड़ा, गुड़, तिलकूट समेत दूध की गुरुवार को अप्रत्याशित बिक्री हुई। हालांकि इस बार चूड़ा से लेकर तिलकूट तक थोड़ा महंगे हैं। मधुमेह रोगियों के लिए शुगरफ्री तिलकूट की अच्छी मांग देखी जा रही है।

पतंग बाजार में ज्यादा रौनक नहीं, बरेली मांझा की अच्छी बिक्री
मकर संक्रांति से पहले इलेक्ट्राे ड्रैगन, पब्जी, एवेंजर, स्पाइडर मैन, छाेटा भीम, बार्बी जैसे कैरेक्टर वाले पतंगाें से शहर के बाजार सज चुके हैं। यही नहीं, चाइनीज सहित अन्य देशी मांझे और लटाई की भी जम कर खरीदारी हुई। 3 रुपए से लेकर 50 रुपए तक की पतंग विभिन्न आकार में उपलब्ध है। वहीं धागे 10 से 70 रुपए प्रति दस ग्राम तक के विक्रेताओं ने मंगाए हैं।

पतंग के थाेक एवं खुदरा विक्रेता राहुल कुमार गुप्ता ने बताया कि 10 से 300 रुपए तक की लटाई मंगाई है। बरेली मांझे की खूब डिमांड देखी जा रही है। हालांकि काेराेना से पहले के वर्षाें में बाजार महज 40-60 फीसदी का ही रह गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी, यूपी के सीएम याेगी आदित्य नाथ, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, सबका साथ सबका विकास जैसे पतंग भी कम संख्या में आए थे, जाे बिक चुके हैं।

14-15 को 5 किमी प्रतिघंटे की गति से चलेंगी हवा, खिलेगी धूप
खिली धूप रहेगी और बीच-बीच में आसमान में हल्के बादलाें की आवाजाही हाे सकती है। हवा की रफ्तार 3 से 5 किमी प्रतिघंटे की हाेगी। खास बात है कि ऐसा माैसम शुक्रवार ही नहीं, शनिवार काे भी रहने की संभावना जताई गई है। मतलब, मकर संक्रांति शुक्रवार काे मना रहे हाें या फिर शनिवार।

माैसम पूरी तरह पतंगबाजी के अनुकूल हाेगा। दही, चूड़ा, तिलकुट के बाद घंटाें पतंगबाजी का लुत्फ ले पाएंगे। विशेषज्ञ एसपी यादव ने बताया कि शुक्रवार मध्यम दर्जे की धूप रहेगी। शनिवार काे भी मध्यम दर्जे की धूप निकलेगी। लेकिन, बादलाें की आवाजाही से धूप से गर्माहट कम महसूस हाेगी। 22 जनवरी के बाद पुन: पश्चिमी विक्षाेभ के केंद्र से बादलाें के आने से माैसम में गर्माहट महसूस हाेने लगेगी।

15 से 17 तक माैसम शुष्क रहेगा, 21 जनवरी तक ठंड, बारिश की आशंका नहीं
माैसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि पश्चिमी विक्षाेभ के प्रभाव से साइक्लाेनिक सर्कुलेशन का असर दिख रहा था, जाे अब कम हाे गया है। 14 जनवरी काे दक्षिणी झारखंड में एक-दाे इलाकाें में हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा हाे सकती है। वहीं धनबाद सहित शेष झारखंड में बारिश की आशंका नहीं है।

15-17 तक राज्य में माैसम शुष्क रहेगा। शुक्रवार से न्यूनतम तापमान 2-4 डिग्रीसेल्सियस तक गिर सकता है। दाे-तीन दिनाें तक सुबह के समय हल्के से मध्यम दर्जे का काेहरा भी दिख सकता है। विशेषज्ञ एसपी यादव के अनुसार 21 जनवरी तक धीरे-धीरे ठंड बढ़ेगी।

4 लाख लीटर दूध और 5 हजार किलाे दही की बढ़ी डिमांड
सुधा के एरिया मैनेजर राम सिंह के अनुसार 50-60 हजार लीटर सुधा की डिमांड प्रतिदिन रहती है, जाे 2.5 लाख लीटर हाे गया है। अनुमान है कि सामान्य दिनाें में सभी ब्रांड की 1.5 लाख लीटर तक दूध की खपत हाेती है, जाे मकर संक्रांति पर अनुमानित 5 लाख लीटर हाे गया है। इसी तरह 5 हजार किलाे की भी बाजार में डिमांड रही।

मधुमेह राेगियाें के लिए बाजार में आया शुगरफ्री तिलकुट
बाजार में गुड़ तिलकुट 190 से 260 रुपए प्रति किलाे, चीनी तिलकुट 180 से 240 रुपए, खाेआ तिलकुट 360 रुपए तक बिक रहे हैं। वहीं 400 रुपए प्रतिकिलाे तक के सुगरफ्री तिलकुट मधुमेह राेगियाें के लिए हैं। इसी तरह लाय 100 से 200 रुपए, गुड़ 40, खजूर गुड़ 90, चूड़ा 40 से 100 रुपए, रामदाना 400 रुपए, अनरसा 280, काला तिल लड्डू 300 रुपए प्रति किलाे तक मिल रहे हैं। विक्रेताओं के अनुसार गुड़, चीनी और ईंधन की कीमत बढ़ी है। इसलिए पिछले वर्ष की तुलना में सामग्रियाें की भी कीमत 10-20 प्रतिशत तक बढ़ी है।

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