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महानवमी आज:कल हाथी पर सवार होकर स्वर्गलोक को प्रस्थान करेंगी मां विजयादशमी में ही प्रतिमाओं का विसर्जन, कहीं भी नहीं होगा रावण दहन

धनबादएक महीने पहले
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महाष्टमी में पुष्पांजलि के लिए मंदिरों-पंडालों में भक्त उमड़े रहे हैं, खड़ेश्वरी समेत कई मंदिरों में आज कन्यापूजन, प्रतिमा विसर्जन में जुलूस व बाजा पर रोक लगी है। - Dainik Bhaskar
महाष्टमी में पुष्पांजलि के लिए मंदिरों-पंडालों में भक्त उमड़े रहे हैं, खड़ेश्वरी समेत कई मंदिरों में आज कन्यापूजन, प्रतिमा विसर्जन में जुलूस व बाजा पर रोक लगी है।

महाअष्टमी पर बुधवार काे महागाैरी माता की पूजा-अर्चना की गई। मंदिराें, मंडपाें और पंडालाें में परिवार के साथ माता दुर्गा का दर्शन किया। पुष्पांजलि अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। बुधवार काे महानवमी है। दुर्गा के नाैवें स्वरूप में सिद्धिदात्री माता की पूजा-अर्चना की जाएगी। शुक्रवार काे असत्य पर सत्य के विजयी पर विजयादशमी मनाई जाएगी। माता दुर्गा हाथी पर सवार हाेकर स्वर्ग लाेक के लिए प्रस्थान करेंगी।

नाै दिनाें की आराधना के साथ भक्त माता दुर्गा काे विदाई देंगे। हरि मंदिर सहित अन्य पूजा पंडालाें में सुहागिन महिलाएं माता दुर्गा काे सिंदूर लगाकर नम आंखाें से विदाई देंगी। इधर, एसडीएम प्रेम कुमार तिवारी ने बताया कि जिला शांति समिति की बैठक में सभी पूजा कमेटियाें काे स्पष्ट कर दिया गया था कि विजयादशमी में ही मूर्ति विसर्जन कर दें। 15-20 लाेग ही मूर्ति विसर्जन में जाएंगे। जुलूस व बाजार पर रोक रहेगी।

देर रात तक माता के दर्शन के लिए भक्ताें का लगा रहा तांता

महाअष्टमी की वजह से मां दुर्गा के दर्शन काे पंडालाें और मंदिराें में देर रात तक भक्ताें का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने कोलाकुसमा, झारखंड मैदान, हाउसिंग काॅलाेनी, मनईटांड़ पानी टंकी, बैंक माेड़, नगर निगम कार्यालय, धनसार, भूली सहित अन्य पूजा पंडालाें में माता दुर्गा के दर्शन किए। शक्ति मंदिर, खड़ेश्वरी मंदिर, भूईफाेड़ मंदिर सहित अन्य दुर्गा मंदिराें में बड़ी संख्या में लाेगाें ने मां दुर्गा का आशीष लिया।

अष्टमी व नवमी की संधि पर निशा पूजा

बुधवार देर रात 11:42 बजे महाअष्टमी और महानवमी के संधि पर मंदिराें और पूजा पंडालाें में संधि पूजा का आयाेजन किया गया। इस माैके पर महाकाली माता की पूजा-अर्चना की गई। पंडिताें का कहना है कि जगत कल्याणार्थ माता पार्वती ने महाकाली रूप धारण किया गया था। माता पार्वती का यह स्वरूप राैद्र रूप हैं, जिसमें चंड-मुंड का संहार किया था।

पंडाल जा रहे हैं ताे इन बाताें का रखें ध्यान...

  • घर काे खाली न छाेड़े, लाॅक लगाएं, पड़ाेसी काे बताएं अथवा किसी सदस्य काे घर में रहने काे कहें।
  • कीमती गहने पहनकर पूजा पंडाल जाने से परहेज करें।
  • काेराेना गाइडलाइन का पालन करें, मास्क जरूर पहनें।
  • बाइक पार्क करते समय डबल लाॅक जरूर लगाएं।
  • आपात स्थिति में 0326-2311217/2311807, 112/100, 9431706391 पर फाेन करें।
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