सर्वे का लक्ष्य निर्धारित:धनबाद के कुछ ही निजी अस्पतालों में दिल की बीमारी का इलाज संभव, पर यह गरीब रोगियों के बजट से बाहर

धनबाद2 महीने पहलेलेखक: केके सुनील
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  • अंडरग्राउंड फायर एरिया में गुजरने वाली रेललाइन के विकल्प की तलाश

अंडरग्राउंड फायर एरिया से गुजरनेवाली रेललाइन सुरक्षित है कि नहीं, इसकाे लेकर राइट्स का टेक्निक विंग सर्वे कर रहा है। राइट्स काेलकाता के डीजीएम एम मुखर्जी का कहना है कि झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकार के निर्देश पर यह सर्वे किया जा रहा है। जेआरडीए का कहना है कि झरिया और आसपास के अंडरग्राउंड फायर एरिया से जाे भी रेल लाइन गुजर रही है, उसके डायवर्सन काे लेकर सर्वे किया जा रहा है। इनमें भाेजूडीह रेललाइन और मतारी-गाेमाे रेललाइन शामिल हैं। इसके तहत फायर एरिया से नन काेल बेरिंग में रेललाइन के डायवर्सन काे लेकर रिपाेर्ट तैयार की जाएगी।

तकनीकी टीम काे 2-3 महीने में सर्वे का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। टेक्निकल टीम की सर्वे रिपाेर्ट के आधार पर डायवर्सन काे लेकर डिजाइनिंग और ड्राइंग तैयार की जाएगी। जेआडीए प्रभारी पदाधिकारी अमर प्रसाद का कहना है कि रेल लाइन डायवर्सन काे लेकर राइट्स प्रजेंटेशन पेश कर चुकी है। जेआरडीए का निर्देश है कि नन काेल बेरिंग एरिया चिह्नित कर दें कि काैन से एरिया में अंडरग्राउंड फायर नहीं है, जहां से भविष्य में रेल लाइन गुजारी जा सकती है।

राइट्स को 18 माह में देनी हैं डीपीआर, डिजाइन व ड्राइंग

राइट्स को 18 महीने में डीपीआर, डिजाइनिंग व ड्राइंग रिपाेर्ट तैयार कर साैंपनी है। यह रिपाेर्ट जेआरडीए के अलावे जियाेगरैफिकल सर्वे ऑफ इंडिया, बीसीसीएल, सीएमपीडीआई काे साैंपी जाएगी। सभी से मंजूरी के बाद रिपाेर्ट रेलवे बाेर्ड के पास भेजी जाएगी। रेलवे बाेर्ड से मंजूरी के बाद डायवर्सन का काम शुरू हाेना है। यह एक लंबी प्रक्रिया है।

सर्वे के 2 बड़े कारण

1. राइट्स प्रबंधन का कहना है कि झरिया और आसपास बहुत क्षेत्र अग्नि और भूधंसान प्रभावित है, जाे सही नहीं है। सुरक्षा दृष्टिकाेण से ही यह सर्वे किया जा रहा है।

2. राइट्स की टेक्निकल टीम नन काेल बेयरिंग एरिया के आधार पर सर्वे रिपाेर्ट तैयार करेगी। इसमें जियाे मैपिंग के माध्यम से नन काेल बेयरिंग एरिया चिह्नित होंगे।

रेलवे नहीं करवा रही ट्रैकों का सर्वे : डीआरएम

धनबाद रेल मंडल के तहत जाे भी रेललाइन हैं, सीसीआरएस के सर्वे के आधार पर सुरक्षित हाेने के बाद ही ट्रेनाें के परिचालन हाे रही है। सर्वे का काम रेलवे ने नहीं, जरेडा ने सौंपा है। भाेजूडीह धनबाद रेल मंडल में नहीं है।
- आशीष बंसल, डीआरएम, धनबाद रेल मंडल

जरेडा करवा रहा लाइन का सर्वे:जेआरडीए सचिव
अग्नि एवं भू-धंसान प्रभावित क्षेत्र में पड़ने वाले राेड व रेलवे लाइन की सर्वे काे लेकर राइट्स काे दायित्व दिया गया है। इसमें फायर एरिया में पड़ने वाली रेल लाइन का सर्वे का भी काम है।
- दशरथ चंद्र दास, डीडीसी सह सचिव, जेआरडीए

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