इंटक विवाद:तिवारी गुट काे असली इंटक बता पेश किया अपना दावा, दिग्विजय से मिले त्रिपाठी

धनबादएक महीने पहले
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कांग्रेस पार्टी की ट्रेड यूनियन इंटक में चल रहे विवाद काे खत्म करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष साेनिया गांघी की ओर से गठित दाे सदस्यीय कमेटी के पास तिवारी गुट की ओर से साेमवार काे दिग्विजय सिंह से मिलकर दावा पेश किया गया। तिवारी गुट के अध्यक्ष व झारखंड के पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी नई दिल्ली मेें एमपी के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह से मिले। अपने गुट काे असली इंटक बताते हुए संबंधित कागजात भी साैंपे।

विवाद सुलझाने के लिए नहीं बुलाने पर नाराजगी भी जताई। उन्हाेंने दाे दिन पहले मल्लिकार्जुन खड़गे से मिलकर उन्हें भी कागजात साैंपे थे। त्रिपाठी ने कहा कि दाेनाें नेताओं ने जल्द तीनाें पक्षाें की बैठक कराने का भराेसा दिया। गाैरतलब है कि साेनिया गांधी ने इंटक के विवाद सुलझाने के लिए राज्यसभा सदस्य मल्लिकार्जुन खड़गे और दिग्विजय सिह काे अधिकृत किया है। इसकी पहली बैठक 9 अगस्त काे हुई थी। उसमें दुबे और रेड्डी गुटाें काे बुलाया गया था। अपनी उपेक्षा हाेती देख तिवारी गुट ने अपना दावा पेश किया है।

रेड्डी का इंटक वह नहीं, जाे 1947 में बना था : त्रिपाठी

त्रिपाठी ने इस बारे में बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष साेनिया गांघी से मिलकर दावा पेश किया था। उनके कहने पर खड़गे और दिग्विजय से मिलकर अपना पक्ष रखा। साल 2014 तक केद्र सरकार का मंत्रालय किसी भी तरह की बैठक के लिए हमें आमंत्रित करता था, लेकिन साल 2017 से तीनाें गुटाें काे बुलाना शुरू किया।

संजीवा रेड्डी ने साल 2007 में इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) के नाम से रजिस्ट्रेशन करा लिया, जबकि इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (राष्ट्रीय मजदूर कंाग्रेस) ही असली इंटक है। रेड्डी का इंटक वह नहीं है, जाे साल 1947 में गठित किया गया था। इसके बावजूद हम चाहते हैं कि इंटक एक हाे और कांग्रेस मजबूत बने।

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