छात्रवृत्ति घोटाले में अब प्राथमिकी दर्ज करेगा एसीबी:कल्याण पदा. व 25 प्राचार्यों से पूछताछ, घोटाले की पुष्टि

धनबाद2 महीने पहलेलेखक: कन्हैया लाल
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धनबाद में अल्पसंख्यक छात्राें के नाम पर 11.55 कराेड़ के घाेटाले में एसीबी अब प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी में है। फिलवक्त एसीबी पीई दर्ज कर घाेटाले का अनुसंधान कर रहा है। जांच के क्रम में एसीबी ने 45 स्कूलाें के प्राचार्य समेत तत्कालीन जिला कल्याण पदाधिकारी दयानंद दुबे, जाे वर्तमान में देवघर में पदास्थित हैं, लिपिक विनाेद पासवान, अजय मंडल, अरविंद वर्मा, मधुसूदन आदि से पूछताछ की है।

पूछताछ में एसीबी काे संताेषजनक जवाब नहीं मिल पाया है। आरंभिक छानबीन में घाेटाले की पुष्टि हाे रही है। एसीबी इस मामले स्कूलों के प्राचार्य व जिला कल्याण विभाग के पदाधिकारी व कर्मियाें काे आराेपी बनाएगा। वहीं रांची झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयाेग वित्त एवं विकास निगम में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर विजय गाेराई से भी सवाल हुए।

विजय से एसीबी काे कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। इस मामले में धनबाद कल्याण विभाग में संविदा पर तैनात लिपिक विनाेद पासवान व अजय मंडल व रांची के विजय गाेराई के खिलाफ विभाग ने कार्रवाई की है।

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घोटाले की किंगपिन नीलाेफर की तलाश

घाेटाला में महत्वपूर्ण कड़ी रही नीलाेफर नामक महिला की तलाश एसीबी कर रहा है। घाेटाला प्रकरण में यह महिला बिचाैलिए की भूमिका में थी। बताया जा रहा है कि वह कतरास की रहने वाली है। एसीबी उस महिला का नाम और पता का सत्यापन करने के बाद उससे पूछताछ करेगी।

18 केस भी दर्ज, अनुसंधान विंग कर रहा जांच

अल्पसंख्यक घाेटाले की जांच केवल एसीबी ही नहीं, बल्कि जिला पुलिस भी कर रही है। घाेटाले में जिले के अलग-अलग थानाे में कुल 18 प्राथमिकियां दर्ज हैं। पुलिस की अनुसंधान विंग इन 18 मामलाें की जांच कर रहा है लेकिन एसीबी की जांच पुलिस से बहुत आगे चल रही है। पुलिस अभी तक आराेपियाें का सत्यापन नहीं कर पाई है, जबकि एसीबी आराेपियाें तक पहुंच गई है और अब प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी में है।

छात्रवृत्ति घाेटाला...फर्जी नाम-पते पर किस्तों में जारी हो गई स्कॉलरशिप

भास्कर ने वित्तीय वर्ष 2019-2020 में स्काॅलरशिप में घाेटाले का खुलासा किया था। प्रशासनिक जांच में उजागर हुआ कि जिले के 550 स्कूलाें में 13.5 हजार विद्यार्थियाें के नाम पर 11.55 कराेड़ रुपए की निकासी की गई। एसीबी अब वित्तीय वर्ष 2016-2017, 2017-2018, 2018-2019 में जारी छात्रवृत्तियाें की भी जांच कर रहा है।

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