खूब हुई नोक-झोंक:अखबार में नाम क्याें नहीं? इसी बात पर भिड़ गए कांग्रेसी

धनबाद2 महीने पहले
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कांग्रेस के जनजागरण अभियान के समापन समाराेह में मंगलवार काे खूब हंगामा हुअा। झरिया में हुए जनजागरण अभियान की खबर और उसमें नाम नहीं छपने के मसले पर पदाधिकारी और सदस्य आपस में ही भिड़ गए। शहर की हाउसिंग काॅलाेनी स्थित जिला कार्यालय में मंगलवार काे अभियान के जिला संयाेजक राशिद रजा अंसारी और झरिया नगर अध्यक्ष अशाेक वर्णवाल में जमकर अाराेप-प्रत्याराेप हुआ। दाेनाें की ओर कई अन्य नेता भी इस हंगामे में शामिल हाे गए। करीब आधे घंटे तक अफरातफरी मची रही। बाद में अन्य नेताओ के समझाने पर सब शांत हुए।

जिलाध्यक्ष ब्रजेंद्र प्रसाद िसंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में सबसे पहले 14 से 29 नवंबर तक महंगाई के विरुद्ध जिलेभर में चलाए गए जनजागरण अभियान की समीक्षा की गई। जिलाध्यक्ष ने कार्यक्रम की सफलता पर सभी पदाधिकारियाें व सदस्याें के प्रति अभार जताया। इसके लिए प्रखंड और नगर अध्यक्षाें काे सम्मानित करने की बात भी कही। अपने संबाेधन के बाद जिलाध्यक्ष किसी बकाम से बाहर चले गए। अब धन्यवाद ज्ञापन की जिम्मेवारी जिला कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष रविंद्र वर्मा की थी। जैसे ही वे इसके लिए खड़े हुए, इसका श्रेय लेने अाैर मीडिया में नाम नहीं छपने के मसले पर पदाधिकारी व सदस्य अापस में ही भिड़ गए।

राशिद बाेले- मीडिया में नाम नहीं भेजे, अशाेक ने पूछा- ताे एक अखबार में छपा कैसे

राशिद रजा अंसारी ने बैठक के दाैरान कहा कि झरिया में बड़ा अच्छा कार्यक्रम हुआ, लेकिन कार्यक्रम के चेयरमैन और जिला संयाेजक का नाम अखबार में नहीं छपा। उन्हाेंने झरिया नगर अध्यक्ष अशाेक वर्णवाल पर आराेप लगाते हुए कहा कि उन्हाेंने ही उनके नाम नहीं भेजे थे। इस पर अशाेक वर्णवाल ने कहा कि एक अखबार में सबके नाम छपे हैं। अगर नहीं भेजते, ताे नाम कैसे छप गया। इस पर राशिद रजा तैस में अा गए। कहा कि बैठकर बात कराे, मर्यादा में रहाे। पार्टी ने कार्यक्रम का जिला संयाेजक सामर्थ्य देखकर ही बनाया है। राशिद के इस रुख का शमेशर आलम और रविंद्र वर्मा ने विराेध किया। कहा कि एेसी भाषा ठीक नहीं है, सबकी अपनी मर्यादा है। इस पर राशिद रजा उनसे भी उलझ गए और तू-तू, मैं-मैं हाेने लगी।

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