निरीक्षण किया:गया पुल से सटे दूसरे अंडरपास के लिए छाेटा किया जाएगा गाेलंबर, राइट्स की तकनीकी टीम ने किया स्थल निरीक्षण, रेलवे काे साैंपी रिपाेर्ट

धनबाद2 महीने पहले
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गया पुल के पास स्थल निरीक्षण करती तकनीकी टीम। - Dainik Bhaskar
गया पुल के पास स्थल निरीक्षण करती तकनीकी टीम।
  • गाेलंबर काे छाेटा कर तिकाेना बना देने पर टूटने से बचेंगे मकान-दुकान
  • चाैक पर लगी श्रमिक की प्रतिमा से भी छेड़छाड़ की नहीं हाेगी जरूरत

शहर के रांगाटांड़ में धनबाद-गया रेल लाइन के नीचे दूसरे अंडरपास के निर्माण की कवायद तेज हाे गई है। फिजिकल रिपाेर्ट के साथ धनबाद पहुंची राइट्स हाइवे ऑफ काेलकाता की दाे सदस्यीय तकनीकी टीम ने साेमवार काे पहले अंडरपास यानी गया पुल के पास निरीक्षण किया। साथ ही रेलवे और आरसीडी अधिकारियाें के साथ अंडरपास के मुद्दे पर विचार-विमर्श किया। बर्नाली राय के नेतृत्व में धनबाद पहुंची तकनीकी टीम ने रांगाटांड़ स्थित श्रमिक चाैक के गाेलंबर काे छाेटा करने का सुझाव दिया।

आरसीडी के कार्यपालक अभियंता दिनेश प्रसाद के मुताबिक, गया पुल से सटे दुर्गा मंदिर के पास दूसरा अंडरपास बनाने का प्रस्ताव है। राइट्स ने इसे ही ध्यान में रखकर फिजिबलिटी रिपाेर्ट तैयार की है। अंडरपास के रास्ते में श्रमिक चाैक का गाेलंबर आ रहा है। अगर उसे छाेटा कर तिकाेना बना दिया जाए ताे पश्चिम दिशा में घराें, मकानाें या दुकानाें काे ताेड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी। गाेलंबर काे छाेटा करने में वहां लगी श्रमिक की प्रतिमा से भी छेड़छाड़ की जरूरत नहीं है।

रेलवे की कितनी जमीन किन शर्तों पर जाएगी, उच्चाधिकारी तय करेंगे

गया पुल का निरीक्षण करने पहुंची राइट्स की टीम ने साेमवार काे डीसी के निर्देश पर रेलवे काे फिजिबलिटी रिपाेर्ट साैंप दी। रेलवे की ओर से माैके पर पहुंचे सीनियर डीईएन राकेश कुमार ने टीम काे बताया कि वे इस रिपाेर्ट पर उच्चाधिकारियाें के साथ विचार-विमर्श करेंगे। अंडरपास निर्माण में रेलवे की भी कुछ जमीन जाएगी। कितनी जमीन जाएगी, किस शर्त या नियम पर जमीन उपलब्ध कराई जाएगी, यह सब वरीय अधिकारियाें से विचार-विमर्श के बाद ही तय हाेगा। उन्हाेंने कुछ बिंदुओं पर तकनीकी सलाह लेने की भी बात कही।

आरसीडी ने कहा रेलवे से कोई आपत्ति आने पर संशाेधित रिपाेर्ट तैयार हाेगी

आरसीडी के कार्यपालक अभियंता ने दिनेश प्रसाद ने बताया कि रेलवे से फिजिबलिटी रिपाेर्ट पर मंजूरी मिलने के बाद ही डीपीआर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। रेलवे से किसी तरह की आपत्ति आने पर राइट्स की टीम संशाेधित रिपाेर्ट तैयार करेगी। एक सप्ताह में रेलवे का जवाब मिल जाने की उम्मीद है।

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