पुलिस के सामने मछलियों की लूट:जीटी रोड के किनारे प्रतिबंधित मांगुर मछली लदा ट्रक पलटा, ‌45 लाख रूपए की 25 टन मछलियां ट्रक में लोड थीं

निरसा10 दिन पहले
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  • प्रतिबंध के बावजूद मांगुर मछलियों की जीटी रोड के रास्ते तस्करी

निरसा थाना क्षेत्र में जीटी रोड में धनबाद जाने वाली लेन पर हाथबाड़ी जंगल के समीप गुरुवार की सुबह प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली लदा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क से 5 फुट नीचे खेत में जाकर पलट गया। इससे खेत में मांगुर मछलियां बिखर गईं। इसके बाद आसपास के ग्रामीण वहां जुट मछली लूटने लगे। इसी बीच मौका देख ट्रक के चालक व खलासी भाग निकले।

सूचना पाकर पुलिस भी पहुंची, पर मछली लूटते ग्रामीणों को रोकने में विवश नजर आई। ग्रामीण बोरे में भर-भरकर मछलियां ले गए। बाद में पुलिस की ट्रक के साथ बड़ी मशक्कत के बाद कुछ मांगुर मछलियों को जब्त कर थाना ले गई। वहीं, एसएसपी संजीव कुमार ने बताया कि मांगुर मछलियों की तस्करी के राेकथाम के लिए मत्स्य विभाग काे पहले ही पत्र लिखा गया है। किसी गिराेह के द्वारा मछली तस्करी की जानकारी नहीं है।

तेज रफ्तार व ट्रक में पानी भरा होने के कारण दुर्घटना, चालक-खलासी फरार
स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह 3:30 से 4:00 के बीच मांगुर मछली लदी ट्रक काफी तेज रफ्तार से सड़क पर गुजर रहा था। जैसे ही ट्रक हाथबाड़ी जंगल के सामने पहुंचा, फोरलेन से सिक्स लेन हुई सड़क पर ट्रक बाई ओर जाने का प्रयास किया। ट्रक में पानी भरा होने के कारण हिचकोले खाकर सीधे सड़क के किनारे 5 फीट नीचे जाकर पलट गया। ट्रक में मौजूद पानी व थाई मांगुर मछलियां खेत में चारों ओर बिखर गए।

ट्रक को पैक कर पानी भरकर रखी गई थीं मछलियांञ
ट्रक में 25 टन थाई मांगुर मछलियां लोड थी। एक-एक मछली का वजन ढाई से तीन किलो के बीच थी। डाला को मोटे तिरपाल से पैक कर उसमें पानी रखकर मछलियों को रखा गया था। कोलकाता से थाई मांगुर मछली लोड होकर झारखंड व बिहार के साथ यूपी व नेपाल तक इसकी तस्करी की जाती है। मांगुर मछलियों को 180 रुपए प्रति किलो बेचा जाता है। ट्रक में 45 लाख की मछलियां लोड थीं।

एक कद्दावर नेता का बेटा है मांगुर तस्करी का किंगपिन
गिरिडीह क्षेत्र में रहने वाले झारखंड के एक कद्दावर नेता का पुत्र ही मांगुर की तस्करी का किंगपिन है। मैथन में मांगुर लदे प्रत्येक पिकअप से 12 हजार, मालवाहक ट्रक से 20 से 22 हजार और बड़े ट्रकों से 35 से 40 हजार रुपए रोड टैक्स नाम पर वसूली जाती है। पुलिस की भी हिस्सेदारी होती है।

मांगुर खाने से कैंसर का खतरा, इसलिए है प्रतिबंधित
थाई मांगुर छोटी किसी भी जलीय प्राणी को निवाला बना लेती हैं। कोलकाता एवं बांग्लादेश में मांगुर को बूचड़खाने का मलबा खिलाकर जल्द बड़ा किया जाता है। चिकित्सकों के अनुसार थाई मांगुर खाने से कैंसर की आशंका बढ़ती है। इस कारण भारत सरकार ने थाई मांगुर प्रतिबंधित कर रखा है।​​​​​​​

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