अतिक्रमण खाली करने की अपील:सरस्वती नदी के अतिक्रमण पर चलेगा बुलडोजर, नगर परिषद कर रही है तैयारी

गढ़वाएक महीने पहले
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नदी का निरीक्षण करते कार्यपालक पदाधिकारी । - Dainik Bhaskar
नदी का निरीक्षण करते कार्यपालक पदाधिकारी ।

शहर की सरस्वती नदी के अतिक्रमण पर जल्द बुलडोजर चलाए जाएगा। इसके लिए नगर परिषद के द्वारा तैयारी की जा रही है। इस संबंध में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी संजय कुमार ने कहा कि अंचल कार्यालय, जल संसाधन विभाग तथा संबंधित प्रशासी विभागों के साथ समन्वय बनाकर सरस्वती नदी क्षेत्र का सीमांकन बहुत जल्द कराया जाएगा।

सीमांकन के बाद चिन्हित अतिक्रमण/अवैध कब्जे को नगर परिषद की ओर से बलपूर्वक ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। शहरवासियों से भी उन्होंने इस संबंध में अपील करते हुए कहा है कि सरस्वती नदी का अतिक्रमण कुछ दिनों या महीनों की बात नहीं है। बल्कि लंबे समयावधि के दौरान किया गया अवैध कब्जा है। इसलिए जिन लोगों ने अवैध कब्जा किया है।

उन लोगों पर विधिक कार्रवाई के दौरान शहर का प्रबुद्ध वर्ग प्रशासन का साथ देकर अतिक्रमणकारियों को हतोत्साहित करे। विदित हो कि पिछले 25 जून को दैनिक भास्कर में अतिक्रमण और गंदगी के कारण दानरो और सरस्वती नदी नाला में तब्दील शीर्षक के साथ खबर प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी। खबर प्रकाशित होने के जहां गढ़वा शहर के समाजसेवी नदी के अस्तित्व को बचाने को लेकर सक्रिय हो गए हैं। वहीं नगर परिषद भी नदी के अतिक्रमण को हटाने को लेकर तैयारी शुरू कर दी है।

बहुत जल्द नगर परिषद के द्वारा नदी के अतिक्रमण पर बुल्डोजर चलाया जाएगा। उपायुक्त रमेश घोलप के निर्देश पर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी संजय कुमार ने सहिजना स्थित दानरो नदी तट के उस हिस्से का निरीक्षण किया। जहां नदी तट पर कचरा फेंके जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी।

धरातल पर ज्ञात हुआ कि शहर में कचरा निस्तारण प्लांट का काम रुके होने व कोई स्थाई डंपिंग यार्ड ना होने के कारण अस्थाई रूप से नदी तट के निकट फिलहाल कचरा इस शर्त पर रखा जाना था कि उसके कारण नदी के प्रवाह क्षेत्र में कोई अतिक्रमण न हो, उक्त निर्णय नगर परिषद की बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया था। जिस पर अमल करते हुए नगर परिषद की स्वच्छता टीम नदी किनारे ही अस्थाई रूप से कचरा को जमा कर रही थी।

डंपिंग यार्ड के लिए खोजा जा रहा है स्थल: पदाधिकारी

नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी संजय कुमार ने कहा कि जब तक सुखबाना में स्थित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र संचालनात्मक अवस्था में नहीं आ जाता है।तब तक शहर के कचरा के निपटान हेतु अस्थाई तौर पर शहर या शहर से बाहर डंपिंग स्थल की खोज की जा रही है। इस संदर्भ में उन्होंने जिला प्रशासन से भी लिखित में अनुरोध किया है कि इस हेतु नगर परिषद को अस्थाई रूप से भूमि उपलब्ध कराई जाए। संजय कुमार ने शहर के प्रबुद्ध लोगों से भी मांग की है कि यदि उनकी नजर में कहीं इस प्रकार का उपयुक्त स्थल हो जहां अस्थाई डंपिंग की जा सकती हो तो वे अपना सुझाव जरूर दें।

डीपीआर बनाकर सरस्वती नदी को बचाया जाएगा

नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी संजय कुमार ने कहा कि गढ़वा में जब से उनका पदस्थापन हुआ है। तभी से उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता में नदी संरक्षण विषय रहा है। उन्होंने बताया कि गढ़वा आते ही उन्होंने दानरो तट पर एक दर्जन से अधिक अस्थाई निर्माणों को ध्वस्त किया था। सरस्वती नदी पर भी कई अवैध निर्माण पर मौके पर जाकर रोक लगाई थी। विभागीय स्तर पर भी नदी पुनरुद्धार हेतु परियोजना चयन का अनुरोध किया गया है। डीपीआर हेतु एजेंसियों की सूची विभाग से प्राप्त भी हो गई है। जल्दी ही डीपीआर बनाया जाएगा विशेषकर सरस्वती नदी के लिए।

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