बैठक:आरोपी को न्यायालय को सौंपा

गढ़वा2 महीने पहले
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जेम्स हेरेंज और सुनील मिंज ने संयुक्त रूप से कहा है कि गोठानी के सभी सदस्यों ने विभिन्न बैठकों में गांव वन क्षेत्र के प्रबंधन पर जोर दिया है। वन क्षेत्र के प्रबंधन को लेकर गोठानी गांव में आयोजित ग्राम सभा में कई नियम तय किए हैं। जिसमें अनावश्यक पेड़ों की कटाई पूरी तरह अवैध है।

लेकिन ग्राम सभा द्वारा पारित नियमों की अनदेखी करते हुए बड़गड़ निवासी मिथिलेश ठाकुर ने लाइन होटल निर्माण के क्रम में 21 नवंबर की रात्रि में चोरी छुपे मजदूरों से सखुए के नौ पेड़ काट डाले। जंगल की नियमित निगरानी के लिए निकले ग्राम प्रधान, ग्राम सभा सचिव एवं गांव के सक्रिय सदस्य जब 22 नवम्बर को बडगढ़-चांदों रोड के गोठानी-टेंगारी सिवाना में वन विभाग के ट्रेंच में बोटा को छिपाया पाया तो तत्काल इस मामले से ग्राम सभा के समस्त सदस्यों को सूचित किया गया।

ग्राम सभा में 24 व 25 नवंबर को दो दिनों तक बैठक के जरिये इस मामले को सुलझाने का प्रयास किया गया। जिसमें ग्राम सभा ने दोषी मिथिलेश ठाकुर पर आर्थिक दण्ड लगाया। लेकिन मिथिलेश ठाकुर ग्राम सभा के निर्णयों को धत्ता बताते हुए अपनी मनमानी करते रहे। तत्पश्चात ग्राम सभा ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि इसे कानून के हवाले कर दिया जाए।

गाँव के पंचों ने वन विभाग, भंडरिया रेंज के रेंजर कन्हाई राम को टेलीफोन के जरिये सूचना दी। वन विभाग ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराते हुए काटी गई सभी सखुए के लकड़ी को 25 नवंबर की शाम को जब्त कर ली है। अब मामला गढ़वा न्यायालय में विचाराधीन है। वन विभाग न्यायालय से अभियुक्त की गिरफ़्तारी के लिए वारंट हेतु आवेदन प्रस्तुत करने की तैयारी कर रहा है।

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