6 मामले हैं कागजात के अभाव में लंबित:अप्रैल के बाद किसी को नहीं मिला है हिट एंड रन का मुआवजा

गढ़वा2 महीने पहले
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बिहारी यादव। - Dainik Bhaskar
बिहारी यादव।

हिट एंड रन मामले में अब मृतक के परिजनों को दो लाख रुपए मुआवजा के रूप में मिलेगा। जबकि घायलों को 50 हजार रुपए प्रदान किए जाएंगे। इस संबंध में जानकारी देते हुए मोटर यान निरीक्षक (एमवीआई) ने बिहारी यादव ने कहा कि पूर्व में यह राशि मृतक के परिजनों को मात्र 25 हजार रुपए तथा घायलों को 12 हजार 500 रुपए दिए जाते थे।

मगर 1 अप्रैल 2022 से सरकार ने हिट एंड रन मामले में होने वाली मौतों और घायलों को मिलने वाली राशि को बढ़ा दिया है। मृतक के परिजनों को दी जाने वाली राशि में 8 गुणा वृद्धि की गई है जबकि घायलों को दी जाने वाली मुआवजा राशि में चार गुणा वृद्धि की गई है। वहीं घायलों को दी जाने वाली चार गुणा वृद्धि की गई है।

नहीं लाैटाई जा सकती है किसी की जिंदगी, मगर राशि बढ़ने से पीड़ित परिजनों को मिलेगी सहायता

सरकार के द्वारा मुआवजा की राशि बढ़ाए जाना हिट एंड रन के पीड़ित परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। हालांकि इस राशि से किसी मृतक की जिंदगी नहीं लौटाई जा सकती। मगर उनके परिजनों के लिए मददगार साबित हो सकती है। वहीं घायलों के इलाज में भी इससे मदद मिलेगी। यह राशि वैसे लोगों को दी जाती है जो किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आ जाते हैं।

साथ ही इसमें उनकी मौत हो जाती है या वे घायल हो जाते हैं। इस मामले में सरकार द्वारा उन्हें मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है। आवेदक को इस योजना के तहत मुआवजा की मांग करने को लेकर जिस अनुमंडल में दुर्घटना हुई थी। वहां के दावा जांच अधिकारी (अनुमंडल पदाधिकारी) को आवेदन प्रस्तुत करना होगा।

दावा आवेदन प्राप्त होने पर दावा जांच अधिकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों से प्रथम दुर्घटना रिपोर्ट एफआईआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं आवश्यक कागजात (जैसा भी मामला हो) की एक प्रति प्राप्त करेगा। वहीं हिट एंड रन से उत्पन्न होने वाले दावों के संबंध में जांच करेगा। वहीं प्रारूप टू में दावा निपटान आयुक्त (उपायुक्त) को रिपोर्ट भेजेगा।

दावा जांच अधिकारी की रिपोर्ट प्राप्त होने पर दावा निपटान आयुक्त (उपायुक्त) जहां तक संभव हो ऐसी रिपोर्ट की प्राप्ति की तारीख से 15 दिनों की अवधि के भीतर दावे को मंजूरी देगा। साथ ही केंद्रीय मोटर वाहन (मोटर वाहन दुर्घटना कोष) नियम 2022 के नियम 4 के तहत गठित ट्रस्ट या सामान्य बीमा परिषद को मंजूरी सूचना देगा।

ट्रस्ट की ओर से सामान्य बीमा परिषद की (जीआईसी) स्वीकृत आदेश और दावेदार से प्रपत्र और दस्तावेज प्राप्त होने पर दावेदार या मृतक के कानूनी प्रतिनिधि द्वारा प्रदान किए गए बैंक खाता में 15 दिनों के भीतर ही भुगतान करेगा। साथ ही उन सभी संबंधित अधिकारियों को सूचना भेजेगा। जिन्हें स्वीकृति आदेश की प्रति पृष्ठांकित की गई है।

16 पीड़ित परिवारों को मिल चुकी है सहायता राशि

हिट एंड रन के मामले में जिले के 16 परिवारों को इस वर्ष मुआवजा का भुगतान किया गया है। इन परिवारों को 25-25 हजार रुपए मुआवजा के रूप प्रदान किया गया है। अभी किसी परिवार को अप्रैल 2022 से लागू की गई मुआवजा राशि नही प्रदान की गई है। वहीं नौ मामले अभी कागजात के अभाव में लंबित है। कागजात उपलब्ध होते ही उन्हें भी मुआवजा की राशि प्रदान की जाएगी। नौ मामलों में तीन मामला एक अप्रैल 2022 से पहले का है। जबकि छह मामला एक अप्रैल 2022 के बाद का है।

हिट एंड रन के मामले में गंभीरता से संज्ञान ले रहे हैं

मोटर यान निरीक्षक (एमवीआई) बिहारी यादव ने कहा कि हिट एंड रन के मामले में वे गंभीरता से संज्ञान ले रहे हैं। इस मामले को लेकर भुगतान भी किया जा रहा है। आवेदन देने के बाद जांच होती है तथा मुआवजा का भुगतान किया जाता है।

पहले मौत पर मिलते थे 25 हजार अब मिलेंगे 2 लाख रुपए

क्या है हिट एंड रन

कोई वाहन चालक सड़क पर चल रहे व्यक्ति को टक्कर मारकर भाग जाता है, तो इस दुर्घटना को हिट एंड रन कहा जाता है। मुआवजा प्रदान करने को लेकर जिला स्तर पर होती है। हिट एंड रन मामले के तहत मुआवजा प्रदान करने को लेकर जिला स्तर पर एक कमेटी होती है। जिसमें दावा निपटान आयुक्त (उपायुक्त) अध्यक्ष होते हैं।

जबकि सामान्य बीमा परिषद द्वारा नाम निर्दिष्ट कोई अधिकारी को सदस्य सचिव होते हैं। इसके अलावे सदस्य के रूप में सरकार द्वारा नाम निर्दिष्ट दावा जांच अधिकारी, जिले के पुलिस अधीक्षक या पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) जिले के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, अध्यक्ष द्वारा मनोनीत सड़क सुरक्षा पहलुओं से जुड़े जनता या स्वेच्छया संगठन का कोई सदस्य होते हैं।

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