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  • There Is A Government In The State Which Means That Whatever JMM Will Speak, The Same Will Not Work, All Development Works Will Be Done Keeping In Mind The Common People.

केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा:प्रदेश में सरकार है मतलब जो जेएमएम बोलेगा, वही नहीं चलेगा, आमलोगों को ध्यान में रखकर ही किए जाएंगे सभी विकास के कार्य

गढ़वाएक महीने पहले
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भारत सरकार के जल शक्ति एवं जनजातीय कार्य के केंद्रीय राज्य मंत्री विश्वेश्वर टुडू सोमवार को एक दिवसीय दौरे पर हेलिकॉप्टर से गढ़वा पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ सर्किट हाउस में बैठक किया। इसके बाद स्वयं सेवी संस्था और समाहरणालय के सभागार में जिले के अधिकारियों व पदाधिकारियों के साथ बैठक की। भारत सरकार के जल शक्ति एवं जनजातीय कार्य राज्यमंत्री विश्वेश्वर टुडु सर्किट हाउस में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के दौरान गढ़वा बीडीओ कुमुद झा को फटकार लगाई। दरअसल बैठक के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने राज्य मंत्री से जिले की स्थिति से अवगत कराया।

वहीं कुछ अधिकारियों को पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने की भी शिकायत की। फिर क्या था राज्य मंत्री ने बीडीओ को बैठक के दौरान ही बुलाया और अच्छे से समझाया। कहा कि गढ़वा जिला आकांक्षी जिला है। इस जिले और जिले के एक -एक अधिकारियों की कार्य प्रणाली पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नजर है। उन्होंने कहा कि बोलना नहीं चाहिए फिर भी बोल देता हूं।

आप भाजपा कार्यकर्ता से मिलते हैं बातचीत करते हैं। आप सरकारी अधिकारी हैं, किसी पार्टी के हित में नहीं बल्कि जनता के हित में कार्य करिए। आप पर आरोप है। ऐसा नहीं होना चाहिए। पब्लिक मनी मतलब आपको पब्लिक की पैसा से ही सैलेरी और सभी प्रकार की सरकारी सुविधा मुहैया की जाती है। मंत्री ने साफ कहा कि प्रदेश में जेएमएम की सरकार चल रही है, इसका मतलब ये नहीं की जेएमएम जो बोलेगें, वहीं चलेगा।

पब्लिक को ध्यान में रखकर कार्य करिए। किसी पार्टी में नहीं बल्कि पब्लिक के कार्य में इंटरेस्ट रखिए। कोई एलिगेशन नहीं आना चाहिए। कौन अधिकारी क्या-क्या कहता है सब पर प्रधानमंत्री की नजर है। इस संबंध में सोशल मीडिया पर मंत्री व बीडीओ की वाक्या का वीडियो भी वायरल हो रहा है।

भारत सरकार के जल शक्ति एवं जनजातीय कार्य राज्यमंत्री विश्वेश्वर टुडु सर्किट हाउस में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के दौरान गढ़वा बीडीओ कुमुद झा को फटकार लगाई। दरअसल बैठक के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने राज्य मंत्री से जिले की स्थिति से अवगत कराया। वहीं कुछ अधिकारियों को पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने की भी शिकायत की। फिर क्या था राज्य मंत्री ने बीडीओ को बैठक के दौरान ही बुलाया और अच्छे से समझाया। कहा कि गढ़वा जिला आकांक्षी जिला है। इस जिले और जिले के एक -एक अधिकारियों की कार्य प्रणाली पर पीएम की नजर है ।

हर घर नल योजना को दिसंबर 2023 से मार्च 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य

समस्याएं क्या है इससे अवगत होने के लिए भेजा जा रहा है। भारत सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन सही तरीके से किया जा रहा है या नहीं इसकी स्थिति का भी जायजा लिया गया है। आदिवासियों का उत्थान को लेकर भी बेहतर कार्य करने की जरूरत है। पेयजल के लिए भारत सरकार की हर घर नल योजना को दिसंबर 2023 या मार्चर् 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य भारत सरकार की ओर से रखा गया है।

मगर गढ़वा जिले में अभी तक महज 30 प्रतिशत ही कार्य किया जा सका है। उन्होंने कहा कि सिंचाई के क्षेत्र में भी बड़ी योजना संचालित की जाएगी। इस योजना का सर्वे का कार्य पूर्ण हो चुका है। एलएनटी कंपनी को कार्य आवंटित किया गया है। इस योजना को पूर्ण होने से 22 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई की सुविधा मिलेगी।

आदिवासियों की उत्थान के लिए उनके बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए जिले में एकलव्य विद्यालय का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में नामांकन शुरू कर दिया जाएगा। इस विद्यालय में पांच सौ बच्चों को पढ़ाया जाएगा। इनमें 205 छात्र व 250 छात्राएं शामिल होंगी। वहीं छठीं कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा तक सीबीएसई पैटर्न पर पढ़ाई होगी।

मंत्री ने कहा- जिले में स्वास्थ्य विभाग की स्थिति लचर, अंधविश्वास बढ़ा है

सदर प्रखंड के मध्या गांव में पेयजलापूर्ति योजना का निरीक्षण की तैयारी थी। मगर किसी कारणवश वे रास्ते से लौट गए। पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि देश के 112 आकांक्षी जिले में गढ़वा जिला भी शामिल हैं। जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य व पेयजल विभाग की स्थिति खराब है। स्वास्थ्य विभाग में 30 प्रतिशत ही मेडिकल ऑफिसर हैं। वहीं विभाग की स्थिति खराब होने से गांवों में आज भी लोग अंधविश्वास की ओर भाग रहे हैं।

जिले के विकास कार्य से संतुष्ट नहीं है। भारत सरकार को इसकी रिपोर्ट सौपेंगे। उन्होंने कहा कि जिला में विकास नहीं हो सका है। अधिकारियों व पदाधिकारियों की कमी है। जिसके कारण एक-एक पदाधिकारी कई कईं विभागों के प्रभार में हैं।

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