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  • Posters Put Up In 200 Houses, For Sale, Pachamba Market Remained Closed, More Than 500 People Staged A Sit in At Razzaq Chowk

भास्कर ग्राउंड रिपोर्ट:200 घरों में लगा पोस्टर, घर बिक्री का,बंद रहा ​​​​​​​पचंबा बाजार, 500 से अधिक लोगों ने रज्जाक चौक पर दिया धरना

गिरिडीह2 महीने पहले
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पचंबा में दो समुदाय के बीच रविवार की रात हुई पथराव के बाद मंगलवार दोपहर 3 बजे तक तनाव की स्थिति बनी रही। लेकिन इसके बाद स्थिति सामान्य हो गयी। शाम में गिरिडीह के उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा व एसपी अमित रेणु सहित जिले के तमाम वरीय अधिकारियों का काफिला पचंबा पहुंचा और पूरे हटिया रोड का भ्रमण करते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।

इस दौरान डीसी-एसपी ने कुछ लोगों से बातचीत भी की। इससे पहले एक समुदाय के लोगों ने पुलिस पर एक पक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाते हुए सोमवार से अपने दुकान व संस्थान को बंद रखा है। वहीं मंगलवार को विरोध करते हुए लोगों ने ऐलान कर दिया कि जब शासन-प्रशासन एक विशेष समुदाय के पक्ष में ही खड़ी है तो फिर उन लोगों को पचंबा छोड़ने का आदेश दे दिया जाए।

इसके बाद देखते ही देखते सारे लोगों ने अपने दुकान व मकान में बिक्री की पोस्टर लगा दी और रज्जाक चौक पर सैकड़ों की संख्या में लोग धरना पर बैठ गए। हालांकि तनाव को देखते हुए बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गयी थी। पचंबा वासियों में आक्रोश को शांत करने भाजपा के पूर्व विधायक निर्भय शाहाबादी व सांसद प्रतिनिधि दिनेश यादव पहुंचे और बंद प्रतिष्ठानों को खोलवाने का प्रयास किया।

लेकिन स्थानीय लोगों का एक ही सवाल था कि जब तक उन लोगों को इंसाफ नहीं मिल जाता है वे लोग न तो दुकान खोलेंगे और न ही धरना से उठेंगे।

बाद में एसपी अमित रेणु के निर्देश पर डीएसपी संजय राणा व एसडीओ विशालदीप खलखो पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं थे। स्थानीय लोगों का कहना था कि जेल भेजे गए लोगों में 4 युवक बिल्कुल निर्दोष हैं।

जब उसके घर पर धुआंधार पथराव होने लगा तो बचाव ने उन लोगों ने पत्थर चलाया है। पत्थर चलाने ये लोग उसके घर पर नहीं पहुंचे थे, बल्कि वही लोग यहां आया था। ऐसे में बचाव का कोई दूसरा रास्ता नहीं बचता है। लेकिन पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय निर्दोष लोगों को जेल भेजकर वाहवाही लूट रही है। जिसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।

स्थानीय लोगों की असली दर्द को सुनने के बाद एसडीओ विशालदीप खलखो व डीएसपी संजय राणा ने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच होगी।

ऐसे हुई मामले की शुरूआत
छेड़खानी को लेकर विवाद शुरू हुआ था। जिसमें कुंजड़ा मोहल्ला के दो लड़के हटिया रोड पहुंचे। जहां तुतू-मैंमैं के बीच कहीं फोन किया। इसके बाद एक दर्जन से अधिक लोग आ पहुंचे और मामले को सांप्रदायिक रंग देते हुए पथराव शुरू कर दिया। देखते ही हो-हल्ला के बाद भगदड़ शुरू हो गयी, बाजार के सारे शटर बंद होने लगे और आधे घंटे तक दोनों तरफ से धुआंधार पथराव हुआ।

क्यों हुआ बंद व धरना

लोगों का कहना था कि पचंबा थाना की पुलिस स्थानीय एक मुखबिर के इशारे पर निर्दोषों को फंसाने का काम कर रही है। इसके अलावा निर्दोष को फंसाने की बात जब एएसपी हरीश बिन जामा के समक्ष के रखा तो उनका कहना था कि बचाव में पत्थर चलाया या फिर जो भी मकसद था, लेकिन पथराव तो किया ही गया है। ऐसे में कार्रवाई बनती ही है।

उपद्रवियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी : एसडीओ
इधर एसडीओ विशालदीप खलखो ने कहा कि लोग शांति व भाईचारा के साथ रहें, प्रशासन सहयोग के लिए तैयार है। पुलिस गश्ती बढ़ाई जाएगी। हुड़दंगियों व उपद्रवियों के खिलाफ प्रशासन कठोर कार्रवाई करेगी।​​​​​​​

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