झारखंड के छह कोल ब्लॉक का आवंटन रद्द:टाटा, अडानी जैसों के 342 करोड़ जब्त, आवंटन के पांच साल बाद भी खनन नहीं, केंद्र सरकार ने उठाया कदम

गाेड्डा/दुमका4 महीने पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
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केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने झारखंड के 6 कोल ब्लाॅक का आवंटन आदेश रद्द कर दिया है। ये कोल ब्लॉक हैं-संथाल के जीतपुर, सिसई, वृंदा, पर्वतपुर और पाताल कोल ब्लाॅक। केंद्र ने बैंक गारंटी की 343 करोड़ से अधिक राशि भी जब्त कर रिजर्व बैंक के खाते में डाल दिया। ये कोल ब्लाॅक अडानी पावर लिमिटेड, झारखंड स्टेट मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड, टाटा स्पंज आयरन लिमिटेड और भारतीय इस्पात प्राधिकरण (सेल) को आवंटित किए गए थे। आवंटन के 5 साल बाद भी खनन और माइनिंग शुरू नहीं करने की वजह से कोयला मंत्रालय ने बैंक गारंटी सीज कर ली।

पर्वतपुर कोल ब्लॉक भी सेल से लिया गया वापस
सेल को आवंटित पर्वतपुर कोल ब्लॉक कोयला मंत्रालय ने वापस ले लिया है। यहां से कोल बेड मिथेन और खनन की रिपोर्ट मेकॉन ने तैयार की थी। इसे केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने तकनीकी रूप से नकार दिया था।

रद्द होने की वजह, टाटा स्पंज आयरन लि. ने पहल नहीं की
झारखंड में टाटा स्पंज आयरन लिमिटेड को दो कोल ब्लाॅक सिसई और वृंदा आवंटित किए गए थे। कोयला मंत्रालय ने कहा कि कंपनी ने इसे चालू करने की दिशा में सकारात्मक पहल नहीं की थी। केंद्र सरकार ने कंपनी की ओर से जमा किए गए 133.71 करोड़ रुपए से अधिक की बैंक गारंटी राशि को जब्त कर लिया। टाटा स्पंज आयरन लिमिटेड ने यह बैंक गारंटी दो अप्रैल 2019 को ही जमा की थी।

जीतपुर कोल ब्लॉक भूमि कानून में फंसा
गोड्‌डा जिले में अडानी पावर से केंद्र सरकार ने जीतपुर कोल ब्लॉक का आवंटन वापस ले लिया। झारखंड सरकार ने भूमि अधिग्रहण कानून का हवाला देते हुए कोल माइंस के लिए आवंटित भूमि को टर्मिनेट कर दिया। अडानी पावर ने 92.90 करोड़ की बैंक गारंटी केंद्र को दी थी, जिसे जब्त कर लिया गया।

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