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भास्कर खास:बारिश के बाद मौसम में बदलाव से बढ़े मरीज, आमतौर पर 200 रोगी आते थे, इसमें 150 और बढ़ गए, अस्पताल पर लोड

गुमलाएक महीने पहले
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सदर अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीज। - Dainik Bhaskar
सदर अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीज।

जिले में बारिश से बदले मौसम के कारण सदर अस्पताल में मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। सुबह उठते ही सूरज का तापमान चढ़ने लगता है। वहीं शाम चार बजने के बाद मौसम में बदलाव होता है और तेज गर्जना के साथ बारिश भी होती है। इस बारिश की वजह से लोग बीमार पड़ रहे हैं। इससे पहले सदर अस्पताल में प्रत्येक दिन 200 से 220 मरीजों का आना होता है।

वहीं बदलते मौसम के साथ वर्तमान में प्रत्येक दिन 250 से 350 मरीज आ रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि बारिश में भींगने व बासी भोजन खाने के कारण लोग अधिक बीमार पड़ रहे हैं। बुधवार को सदर अस्पताल में 348 मरीजों का रजिस्टर मेनटेन है, जो विभिन्न बीमारियों से ग्रसित होकर इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचे थे। हालांकि बारिश के कारण मौसम कूल जरूर हुआ है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है लेकिन बीमारियों के बढ़ने से लोग परेशान हैं।

अस्पताल की 100 बेड की क्षमता, वार्ड समेत बरामदे में 238 बेड लगाकर मरीजों का किया जा रहा है इलाज : डीएस

डीएस डॉ आनंद किशोर उरांव ने बताया कि बारिश बाद निश्चित रूप से मरीजों में इजाफा हुआ है। इसका मुख्य कारण है कि समय पर लोग अपने कार्य को पूरा करने के लिए बारिश में भींग रहे हैं। उन्हें लगता है कि यह बारिश नुकसानदायक नहीं है।

लेकिन गर्मी के तुंरत बाद की वर्षा निश्चित रूप से सेहत के लिए हानिकारक है। ऐसे में लोगों को पानी में नही भींगना चाहिए। साथ ही कहा कि लोग बासी भोजन का उपयोग ज्यादा कर रहे हैं। इसकी वजह से फूड प्वाइजनिंग की शिकायत ज्यादा आ रही हैं।

सलाह ...गरम पानी पिएं, बासी खाना नहीं खाएं

​​​​​​​इससे बचने के लिए रात्रि (बासी) के भोजन को सुबह नहीं खाना चाहिए। साथ ही हमेशा से गर्म पानी पीना चाहिए। क्योंकि कुएं आदि में बरसात का पानी आ रहा है, जिसमें कई प्रकार कीटाणु होते हैं। जो हमारे शरीर के अंदर जाकर नुकसान पहुंचाते हैं।

पानी को गर्म करने में सारे विषाणु मर जाएंगे और शुद्ध पानी पी सकेंगे ।उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल 100 बेड का अस्पताल है। लेकिन बरामदा आदि में कुल 238 बेड लगाया गया है। जिससे मरीजों को जगह मिल सके। अभी वर्तमान में बेड एक भी खाली नहीं है। इनमें से अधिकांश मरीज सर्दी, जुकाम व फूड प्वाइजनिंग के भर्ती हैं।

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