चोरी की घटना:इचाक : 3 साल बाद भी पंजी टू चोरी के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं

इचाक2 महीने पहले
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इचाक प्रखंड मुख्यालय स्थित तहसील कचहरी से 22 मई 2019 को और 4 अगस्त 2019 को भू माफियाओं द्वारा पंजी टू की चोरी कर ली गई। तहसील कचहरी से दो बार कुल 67 पंजी की चोरी हुई थी। इस संबंध में इचाक थाना में कांड संख्या 120/19 एवं 212/19 के तहत मामला दर्ज किया गया। इस मामले को प्रखंड से लेकर राज्य स्तर तक के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की मांग पर तत्कालीन उपायुक्त के द्वारा एसआईटी से जांच की अनुशंसा भी की गई थी। एसआईटी का भी गठन हुआ और जांच पड़ताल की गई। परंतु आज तक एसआईटी की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई।

इसके पहले इचाक थाना पुलिस द्वारा मामले में संलिप्त कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया परंतु मुख्य आरोपी गंगेश्वर प्रसाद मेहता खुलेआम घूमते रहे। पुलिस मुख्य आरोपी तक पहुंचने का कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई । जिस कारण 14 अगस्त 2019 की रात्रि मध्य विद्यालय कुरहा के बरामदा में चोरों ने 58 पणजी को फेंक दिया था। इसकी सूचना पुलिस को मिली और पुलिस पंजी को बरामद कर थाना ले आई।

बताते चलें की इचाक के अंचल अधिकारी मनोज कुमार महथा के पद ग्रहण के 1 साल के भीतर ही तहसील कचहरी से पंजी टू की दो बार चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था। जिस दिन पंजी 2 की चोरी हुई थी उस दिन तहसील कचहरी में दो चौकीदारों को नाइट की ड्यूटी भी लगाई गई थी। चौकीदारों से पूछने पर बताया था कि बगल के कमरे में सोने के कारण चोरी की जानकारी नहीं मिल पाई। जबकि चौकीदारों को ब्यूटी के लिए तहसील कचहरी में लगाया गया था ना कि सोने के लिए। अंचल अधिकारी मनोज कुमार महथा ने बताया था कि तहसील कचहरी की सारी जिम्मेवारी राजस्व कर्मचारियों के अधीनस्थ है। जबकि राजस्व कर्मचारियों ने उस वक्त कुछ भी बताने से बच रहे थे।

पंजी टू बरामद होने के बाद भी स्थानीय सीओ द्वारा आज तक उसे अपने अधीनस्थ नहीं लिया। इसके कारण क्षेत्र के ग्रामीणों को काफी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है। ट्विस्ट इस बात की है, कि पंजी टू चोरी मामले में जानकारी के अनुसार फरार चल रहे अभियुक्त गांगेश्वर प्रसाद मेहता को इचाक थाना पुलिस ने हजारीबाग व्यवहार न्यायालय परिसर के सामने आकाश फोटो स्टेट के पास से गिरफ्तार किया था। उसकी गिरफ्तारी 20 अक्टूबर, समय 3.30 बजे संध्या के आसपास हुई है। विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि इचाक थाना पुलिस की गाड़ी में उसे बिठाकर कहीं ले गई है। चर्चा यह भी है कि उसे पकड़ कर छोड़ दिया गया है।

क्या कहते हैं इचाक थाना प्रभारी

इचाक थाना प्रभारी धनंजय कुमार सिंह ने बताया कि उच्च न्यायालय के काम से रांची गये थे, देर से लौटे है। पूरे मामले की जानकारी ली परन्तु कोई जानकारी नहीं मिली। इचाक थाना पुलिस द्वारा कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

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