पुलिस की कार्रवाई:लातेहार के कटिया जंगल में 6 जवानों की हत्या कर दो पेट में बम कर दिया था प्लांट

हजारीबाग2 महीने पहले
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महाराष्ट्र के मुंबई नालासोपारा से 18- 19 सितंबर की रात गिरफ्तार हार्डकोर उग्रवादी दीपक यादव उर्फ कारू यादव भाकपा माओवादी संगठन के ईस्टर्न रीजनल ब्यूरो इआरबी का मेंबर है। उसकी गिरफ्तारी झारखंड व बिहार पुलिस के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि में शामिल है। ईस्टर्न जोन में वह सबसे दुर्दांत माओवादी कमांडर के रूप में अपने आप को स्थापित कर रखा था। संगठन का सबसे क्रूर उग्रवादी कारू यादव अपने निष्ठुर आचरण के बूते 17 वर्षों में संगठन में इस मुकाम तक पहुंचा। इस पर 15 लाख का इनाम था।

जनवरी 2013 में लातेहार के कटिया जंगल में उग्रवादी पुलिस मुठभेड़ में पुलिस के 6 जवानों को गोली लगी थी जिसमें वे शहीद हुए थे। शहादत के बाद 2 जवानों के पेट को चीर कर पेट में बम प्लांट करने के मामले में इसकी अग्रणी भूमिका थी और यह मुख्य अभियुक्त है। पेट चीरकर बम प्लांट कर सिलाई करने में काैलेश्वरी जोन का उग्रवादी अनुराग उर्फ डॉक्टर की सहभागिता थी। जो पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका है। इसकी योजना थी कि जब पुलिस शव को रिकवर करने पहुंचे तो पेट में प्लांटेड बम विस्फोट हो और पुलिस टीम को और बड़ी क्षति पहुंचे। यह जानकारी हजारीबाग एसपी मनोज रतन चौथे ने दी।

मुंबई में करा रहा था अपना इलाज, नालासाेपारा से हजारीबाग व महाराष्ट्र पुलिस ने किया गिरफ्तार
एसपी चौथे ने बताया कि 18 सितम्बर को गुप्त सूचना मिली थी कि भाकपा माओवादी के वरीय कमांडर दीपक यादव उर्फ कारू यादव अपनी बीमारी का इलाज कराने को लेकर महाराष्ट्र के मुम्बई के नालासोपारा क्षेत्र में रह रहा है। त्वरित कार्रवाई करते हुए एटीएस मुम्बई के साथ कोआर्डिनेशन बनाकर सीसीआर डीएसपी आरिफ एकराम के नेतृत्व में कोर्रा थाना प्रभारी उत्तम तिवारी एवं अन्य सशस्त्र बलों के साथ एक टीम को मुम्बई भेजकर गिरफ्तार किया गया। उसे ट्रांजिट रिमांड पर हजारीबाग लाया गया है। इसकी गिरफ्तारी से इसके प्रभाव क्षेत्र में पड़ने वाले इलाके में भाकपा माओवादी की स्थिति काफी कमजोर होगी। उसको रिमांड पर लेकर पूछताछ करते हुए अग्रेतर करवाई की जाएगी।

17 साल से हजारीबाग, चतरा, गिरिडीह, बोकारो, लातेहार और गया में बन गया था आतंक
वर्ष 2007 में गिरिडीह के होमगार्ड शस्त्रागार और वर्ष 2006 में खासमहल बोकारो कैंप में हमला कर हथियार लूट व दर्जनों हत्या की घटना को इसने अपने दस्ता के साथ मिलकर अंजाम दिया था। दीपक यादव वर्ष 2004-05 में जमीनी विवाद को लेकर बदले की भावना से उग्रवादी संगठन में शामिल हुआ था। विगत 17 वर्षों से झारखण्ड के हजारीबाग, चतरा, गिरिडीह, बोकारो, लातेहार एवं बिहार के गया सहित विभिन्न जिलों में यह आतंक का पर्याय बना हुआ था। दीपक यादव न सिर्फ पुलिस के लिए बल्कि समाज व सुदूरवर्ती क्षेत्रों के विकास के लिए बाधक बना हुआ था।

कटकमसांडी के आराभुसाई का रहने वाला है
वह हजारीबाग जिला के कटकमसांडी थाना क्षेत्र के ढाेढ़वा (आराभुसाई) गांव का रहने वाला है। दीपक यादव उर्फ कारू यादव वर्ष 2004-05 में जमीन विवाद के कारण प्रतिबंधित संगठन भाकपा माओवादी से जुड़ गया। इसने 17 वर्षों में कई हत्याएं, धमकी, लेवी वसूलने के साथ पुलिस के साथ मुठभेड़ की घटना को अंजाम दिया है। इसके द्वारा वर्ष 2020-2021 में एक महीने के अंदर ही मयूरहंड, सिमरिया एवं पत्थलगडा थाना क्षेत्र के 3 लोगों को पुलिस मुखबिरी के आरोप में निर्मम हत्या की गई थी। कारू यादव पर विभिन्न जिलों में करीब 60 से अधिक जघन्य मामले दर्ज है।

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