हजारीबाग में खौलते तेल से झुलसे तीन बच्चे:नमकीन फैक्ट्री में चूल्हे पर रोटी बना रहे थे, दूसरे मजदूर के हाथ से कड़ाही फिसल गई

हजारीबाग2 महीने पहले

हजारीबाग में नमकीन और लड्डू बनाने की एक फैक्ट्री में तीन बच्चे बुरी तरह झुलस गए। काम के दौरान तीनों पर कड़ाही का खौलता तेल गिर गया। घटना के तुरंत बाद बच्चों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां से उन्हें रिम्स रांची के लिए रेफर कर दिया गया। घटना जिले के कुम्हार टोली की है।

एक बच्चे ने बताया कि बुधवार को करीब 10:30 बजे रात मिठाई बन चुकी थी। तीनों बगल वाले चूल्हे पर रोटी बना रहे थे। कड़ाही कोई और उतार रहा था, इस दौरान कड़ाही उसके हाथ से फिसल गई और उसका तेल तीनों बच्चों पर जा गिरा। इससे तीनों जल गए। उन्हें सदर अस्पताल ले जाया गया। फर्स्ट एड के बाद उन्हें रिम्स रेफर कर दिया गया।

एक बच्चे से बताया कि फैक्ट्री में 5 बाल-मजदूर काम करते थे।
एक बच्चे से बताया कि फैक्ट्री में 5 बाल-मजदूर काम करते थे।

आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से काम कर रहे थे बच्चे
इन तीनों बच्चों में 14 वर्षीय पिंटू कुमार, 12 वर्षीय रंजन कुमार और 15 वर्षीय नीतेश कुमार मांझी शामिल हैं। रंजन ने पांचवीं क्लास तक पढ़ाई की है। बाकी दोनों दसवीं तक पढ़े हैं। रंजन और नीतीश जमुई के हैं। वहीं पिंटू जमशेदपुर का है। रंजन ने बताया कि उसके पिता नहीं है। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से वह फैक्ट्री में काम करता है।

ठेकेदार भी बिहार के जमुई का है। वह लड्डू और नमकीन बनाकर शहर में सप्लाई करता है। वह हजारीबाग में पिछले 3 वर्षों से मिठाई का कारोबार कर रहा है। उसकी ठेकेदार की धमक के कारण हॉस्पिटल के इंट्री रजिस्टर में पुलिस केस तक नहीं लिखा गया। यहां तक कि बाल मित्र थाना तक को भी भनक नहीं लगी।

बच्चों का इलाज रिम्स चल रहा है।
बच्चों का इलाज रिम्स चल रहा है।

मामला जब बढ़ गया, तो हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक मनोज रतन चौथे ने घटना पर संज्ञान लेते हुए कहा, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। बाल मजदूरी प्रतिबंधित होने के बावजूद फैक्ट्री में बाल मजदूर काम कैसे कर रहे थे? इसकी जांच की जाएगी। तीनों बच्चों को इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स (राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान) अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर है।

इसी किराए के घर में नमकीन बनाने की फैक्ट्री चल रही थी।
इसी किराए के घर में नमकीन बनाने की फैक्ट्री चल रही थी।

बिहार-झारखंड के कई मजदूर करते हैं फैक्ट्री में काम
त्योहार के दौरान फैक्ट्री में काम बढ़ गया था। बिहार और झारखंड के अलग-अलग इलाकों से कई मजदूर इस फैक्ट्री में काम करते हैं। हजारीबाग कुम्हार टोली स्थित आश्रम नगर में ठेकेदार एक किराए के मकान में रहकर मिठाई बनाने का काम करता था। उसमें करीब 15 से 20 लोग रहते थे। घटना के बाद से उस घर में कोई नहीं है। रंजन ने बताया कि इसी घर में बिहार के 5 बाल मजदूरों को रखे हुए था।

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