कोल परियोजना से ट्रांसपोर्टिंग के विरुद्ध धरना:चट्टी बारियातू के पब्लिक मार्ग से नहीं निकलने देंगे कोयला, कंपनी खुद बनाए ट्रांसपोर्टिंग रोड

हजारीबाग2 महीने पहले
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चट्टी बारियातू कोल परियोजना से ट्रांसपोर्टिंग के विरुद्ध केरेडारी के पाटो पंचायत के ग्रामीण लबनियां मोड़ भदईखाप स्कूल के पास धरना पर बैठ गए हैं। उन्होंने कहा है कि चट्टी बारियातू से जोरदार लवनिया मोड़ होते हुए कोयले का ट्रांसपोर्टिंग किया जा रहा है। जबकि वह पब्लिक मार्ग है। उस मार्ग के समीप कई आबादी बहुल गांव हैं। उपजाऊ खेत हैं। डस्ट के कारण ना सिर्फ गांव प्रदूषित होगा बल्कि वहां के मासूम बच्चे भी संक्रमित होंगे।

मोड़ के पास रोड के किनारे मिडिल स्कूल है। जहां छोटे-छोटे बच्चे पढ़ते हैं। ट्रांसपोर्टिंग के दौरान वाहनों के चपेट में आने और बच्चों के प्रदूषण का शिकार होने का भी खतरा है। जहां लोग कोयला के डस्ट से बीमारी के शिकार होंगे वहीं खेतों में उपज समाप्त हो जाएगा। खेतों में कोयले का लेयर दिखेगा। इसलिए हम प्रभावित होने वाले रैयत व ग्रामीण किसी भी स्थिति में चट्टी बारियातू से जोरदार लवनिया मोड़ होते हुए पब्लिक मार्ग के द्वारा कोयले का ट्रांसपोर्टिंग नहीं होने देंगे।

ट्रांसपोर्टिंग के लिए कंपनी अपना खुद ट्रांसपोर्टिंग रोड बनाएं। रैयतों ने कहा कि इस संबंध में पिछले 22 नवंबर को उपायुक्त से भी ज्ञापन सौंपा और आग्रह किया है कि इस संबंध में कंपनी से वार्ता कर पेटो पंचायत के भदईखाप, लोयशुकवार, बेला, चट्टी, बड़की टांड़ समेत आधा दर्जन से अधिक गांव को कोयले के डस्ट से प्रभावित होने से बचाएं । ग्रामीणों ने कहा है कि कि जब तक हमारी मांगे नहीं पूरी होंगी। इस पब्लिक मार्ग से ट्रांसपोर्टिंग बंद नहीं होगा तब तक हम लोग धरना पर बैठे रहेंगे।

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