हादसे की जानकारी लेने पहुंची टीम:जांच में देरी और बिना फिटनेस के वाहन को परमिशन देने पर डीटीओ काे फटकार

हजारीबाग2 महीने पहले
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सिवाने पुल का निरीक्षण करते एनएचएआई के सदस्य। - Dainik Bhaskar
सिवाने पुल का निरीक्षण करते एनएचएआई के सदस्य।

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद सेंट्रल रोड सेफ्टी बोर्ड के सदस्य रवींद्र तिवारी की टीम गुरुवार को दारू-टाटीझरिया के सिवाने नदी में हुए हादसे की जानकारी लेने पहुंची। 17 सितंबर को गिरिडीह से रांची जाने के दौरान एसएसटी वातानुकूलित बस पुल से 30 फीट नीचे नदी में गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इसमें 8 सिक्ख श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और 44 लोग घायल हुए थे। घटनास्थल का मुआयना करते हुए रोड सेफ्टी टीम के सदस्य रवींद्रनाथ तिवारी ने कहा कि इस दुर्घटना का मूल कारण टेक्निकल से अधिक बस चालक की मानवीय भूल प्रतीत हो रहा है। डीटीओ विजय कुमार और एमवीआई विजय गौतम से बस में कितने सीट और इसकी ऊंचाई से जुडे सवाल किया तो अधिकारियों ने बस के 51 सीट होने की बात कही। तब उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि आपलोग कैसे पास कर देते हैं।

हादसे पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री गंभीर

उन्होंने कहा कि इस हादसे को राष्ट्रपति द्रोपदी मूर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गंभीरता से लिया है। यही कारण है कि वह दिल्ली से यहां घटना के मूल कारणों को जानने पहुंचे हैं। इस मौक़े पर एनएच के कार्यपालक अभियंता सत्येंद्र प्रसाद सिंह, डीटीओ विजय कुमार, एमवीआई विजय गौतम, टाटीझरिया थाना जितेंद्र कुमार, दारू थाना प्रभारी अमित कुमार सहित कई लोग उपस्थित थे।

थानेदार से कहा- घटना बड़ी, अब तक सिर्फ जांच
टाटीझरिया थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार से घटना की जांच के बारे में पूछा। जांच कहां तक पहुंची। इस संबंध में थानेदार ने कहा कि जांच चल रही है। इस पर उन्होंने फटकार लगाते हुए कहा कि इतनी बड़ी घटना है और अभी तक जांच ही चल रही है। थानेदार से दुर्घटना के बाद इंश्योंरेस के बारे में भी जानकारी ली। एनएच-100 की जर्जर स्थिति के बारे में पूछे जाने पर बताया कि घटनास्थल पर सड़क ठीक ही है और चौड़ी भी है। अन्य जगहों पर सड़क जर्जर जरूर है, जिसकी मरम्मत चल रही है। उन्होंने कहा कि जगह-जगह साइन बोर्ड होनी चाहिए थी जो नहीं है।

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