परिवर्तन की लहर:निरक्षर शांति देवी सरैया से लगातार तीसरी बार बनी मुखिया

पदमा2 महीने पहले
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शांति देवी। - Dainik Bhaskar
शांति देवी।

त्रिस्तरीय पंचायत संपन्न होने के बाद प्रखंड के सभी पंचायत के मुखिया एवं पंचायत समिति सदस्य का चुनाव परिणाम घोषित किया गया है। चुनाव परिणाम को देखते हुए पूरे प्रखंड में परिवर्तन की लहर कहा जा सकता है। प्रखंड के आठों पंचायत के निवर्तमान मुखिया एक को छोड़कर सभी चुनाव हार गए हैं।

इनके जगह पर पंचायत की जनता ने नए प्रत्याशियों को विजय बनाया है। प्रखंड के सरैया पंचायत की मुखिया शांति देवी ने हैट्रिक लगाते हुए तीसरी बार विजेता बनी। शांति देवी 1489 मत प्राप्त कर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी उषा देवी को 309 मतों से हराकर विजय हुई।

शांति देवी निरक्षर होने के बावजूद भी मतदाताओं के भरोसे को टूटने नहीं दिया। जिसका परिणाम हुआ कि पंचायत की जनता ने उसे भरपूर समर्थन देकर तीसरी बार विजय बनाया। पंचायत के लोगों का मानना है कि वह अपने साथ पैड और मुहर साथ लेकर चलती है।

अगर रास्ते में भी कोई आवेदन लेकर आ गया तो तुरंत मुहर लगाकर साइन कर देती है। तीसरी बार विजय प्राप्त करने पर उन्होंने बताया कि जनता का कार्य एवं उनकी समस्याओं का निदान करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। शायद जनता ने इसे देखकर ही हमें तीसरी बार विजय बनाया है,।

सूरजपुरा पंचायत के मुखिया उम्मीदवार सीताराम मेहता ने 997 मत प्राप्त कर अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी दिनेश्वर प्रसाद मेहता को 434 मतों से हराकर विजय हुए। वही रोमी पंचायत से गुड़िया मेहता ने 952 मत प्राप्त कर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी निवर्तमान मुखिया गौरी शंकर मेहता को 181 मतों से हराकर विजय हुई।

कराटे चैंपियन रही प्रीति अब जिला परिषद सदस्य के रूप में देगी सेवा

हजारीबाग | बरही पश्चिमी भाग से जिला परिषद के लिए निर्वाचित प्रीति कुमारी पूर्व में कराटे चैंपियन रही है। उन्होंने रांची, जमशेदपुर, असम, कोलकाता से लेकर सिंगापुर तक में कराटेकार के रूप में परचम लहराया है।

वे पहली बार पंचायत चुनाव में बरही पश्चिमी भाग से जिला परिषद के लिए चुनाव लड़ी और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कुंती देवी को 27 वोट के अंतर से हरा कर निर्वाचित घोषित हुईं हैं।‌ प्रीति को 4602 वोट मिले। प्रीति कुमारी दसवीं एवं इंटर की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कर डीएल‌एड व बीएड भी की है।‌ वर्तमान में घर गृहस्थी संभालने के साथ स्कूल में पढ़ाती हैं।

साथ ही महिलाओं एवं युवतियों को कराटे का प्रशिक्षण देती हैं। जिला परिषद के लिए निर्वाचित होने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि महिला व बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिए काम करना उनकी प्राथमिकता है। जिला परिषद सदस्य रहते हुए जो संभव होगा, करती रहेगी। आगे कहा कि उनके पति गुरुदेव कुमार गुप्ता समाज सेवा के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं और उन्हीं की प्रेरणा से समाज सेवा के उद्देश्य से चुनाव लड़ी और जीती हैं।

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