तीन दिवसीय प्रदेश स्तरीय सम्मेलन:मेहता ने कहा- जनमुद्दों को लेकर राजभवन के पास 7 नवंबर को धरना देगी पार्टी

हजारीबाग2 महीने पहले
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भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का तीन दिवसीय प्रदेश स्तरीय सम्मेलन हजारीबाग में संपन्न हुआ। तीन दिवसीय सम्मेलन में राज्य भर से पार्टी के 300 से अधिक कार्यकर्ता शामिल हुए। 23 और 24 सितंबर के सम्मेलन के बाद 25 सितंबर को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को नियुक्त किया गया। महेंद्र पाठक को राज्य सचिव का कमान सौंपा गया। शेष 45 अन्य नए प्रतिनिधियों को चुना गया जिससे राज्य में संगठन मजबूत हो और आगामी विधानसभा के साथ लोकसभा में मजबूती के साथ पार्टी प्रदेश में चुनाव लड़ सके। मुख्य राष्टीय वक्ताओं ने केंद्र सरकार के नीतियों के खिलाफ में संगठन को धारधार बनाने की बात कही।

मोदी सरकार देश के अंदर पूंजीपतियों के पक्ष में नीति बनाकर देश को कारपोरेट गुलाम बनाने का काम कर रही है। इस विरोध में वामपंथ मुखर होकर आवाज तेज कर रहा है। पूर्व सांसद व राज्य सचिव भुनेश्वर प्रसाद मेहता ने कहा कि उद्योग नीति, किसान विरोधी, छात्र नौजवान विरोधी नीतियों से जनता परेशान है। इसकी लड़ाई भाकपा लड़ रही है। वहीं 7 नवंबर को झारखंड राज्य भवन के समक्ष विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा । सम्मेलन में मुख्य रूप से राष्ट्रीय सचिव भाकपा रमेंद्र कुमार, भालचंद कांगो, नागेंद्र नाथ ओझा, पूर्व सांसद भुनेश्वर मेहता, नए राज्य सचिव महेंद्र पाठक, के डी सिंह, राजेंद्र यादव, कनाई माला पहाड़िया, इंद्रमणि देवी, पशुपति कोल, सुरपत सिंह, रुचिर तिवारी, अजय सिंह, विष्णु कुमार, फरज़ाना फारूकी, मनोज महतो, सीमा राय, मंगल ओहदार, सोनिया देवी, अगता पन्ना, प्रकाश रजक , महादेव राम, गणेश महतो, लखनलाल महतो, नेमन यादव, विंध्याचल बेदिया, मनोज पाहन, राजेंद्र प्रसाद, मेवालाल, कयूम मालिक, चांद खान, निजाम अंसारी, महेंद्र राम, इत्यादि उपस्थित रहे।

उधर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का 7 वें राज्य सम्मेलन में पूर्व सांसद ने कहा कि अक्टूबर और नवंबर माह में जन कार्यों के मुद्दों को लेकर रांची के राजभवन के पास आंदोलन किया जाएगा। अक्टूबर में आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में राष्ट्र स्तरीय सम्मेलन होगा जबकि क्रांति दिवस के अवसर पर 7 नवंबर से रांची के राजभवन में जन आंदोलन किया जाएगा। नवनियुक्त राज्य सचिव महेंद्र पाठक ने कहा कि आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव में युवा नेतृत्व कमान संभालेंगे और युवा शक्ति के बल पर ही चुनाव लड़ा जाएगा।

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