दो दिन के नवजात की मौत की घटना:चिकित्सक के नहीं रहने से नवजात की मौत, विरोध में विधायक ने दिया धरना

हजारीबाग17 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। शनिवार रात्रि 12:00 बजे के करीब अंबाडीह, सरिया, गिरिडीह से रेफर होकर अस्पताल आए केदार रविदास का दो दिन के नवजात की मौत अस्पताल के एसएनसीयू में शिशु रोग विशेषज्ञ के ड्यूटी में नहीं होने के कारण हो गई। घटना के समय सदर विधायक मनीष जायसवाल अस्पताल परिसर में मौजूद थे। विधायक के कहने पर नवजात को भर्ती तो ले लिया गया, मगर चिकित्सक के नहीं रहने के कारण उसका समुचित इलाज नहीं हो पाया। केवल ड्यूटी पर मौजूद नर्सों द्वारा नवजात को ऑक्सीजन लगा दिया गया। इसको लेकर सदर विधायक मनीष जायसवाल ने गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठाया।

रात एक बजे के करीब थोड़ी देर के लिए वह अस्पताल में धरने पर भी बैठ गए। उनका कहना था कि जब तक अस्पताल प्रबंधन के लोग और चिकित्सक यहां नहीं पहुंचते हैं वह यहां से नहीं हटेंगे। बाद में मौके पर चिकित्सक पहुंचे। इस संबंध में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को मामले से अवगत कराते हुए तत्काल कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया। इधर घटना को लेकर मृत नवजात के पिता केदार रविदास द्वारा अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध सदर थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है। आवेदन पर सदर विधायक मनीष जायसवाल और पूर्व उप महापौर आनन्द देव ने भी बतौर गवाह हस्ताक्षर किया है।

खबरें और भी हैं...