पंचायत चुनाव:प्रत्याशियों को डोर-टू-डोर कैंपेन पर भरोसा

हजारीबागएक महीने पहले
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पिछले पंचायत चुनाव से इस बार का चुनाव कई मामलों में अलग है। प्रत्याशी आक्रामक प्रचार की बजाय फ्लेक्स और डोर टू डोर प्रचार पर भरोसा कर रहे हैं। पिछले चुनाव की तरह सड़कों पर प्रत्याशी के समर्थन में भोंपू का शोर काफी कम है। प्रत्याशी के प्रचार के लिए ऑडियो कम लागत पर तैयार हो रहा है।

बिहार के कुछ साउंड रिकॉर्डर हजारीबाग के चुरचू, चौपारण और बरही में पहुंचकर प्रत्याशियों का ऑडियो कम लागत पर बना कर दे रहे हैं। इस बार का ऑडियो मात्र ₹500 में भी तैयार हुआ है। सामान्य तौर पर ऑडियो तैयार करने का खर्च 1500 लगता है।

प्रत्याशियों का फ्लेक्स बनने की रफ्तार पिछले चुनाव से थोड़ा कम हुआ है। पंपलेट छपाई का दर अचानक बढ़ गया है। फ्लैक्स छापने वाले ने बताया की पंपलेट का कागज बाजार से ब्लॉक आउट हो गया। 1 दिन कहीं कोई कागज नहीं मिला और दूसरे दिन कागज के मूल्य दोगुना मूल्य पर उपलब्ध हुए।

इसको लेकर पंपलेट छापने की लागत में बढ़ोतरी हुई है। प्रत्याशियों ने अपनी ताकत नॉमिनेशन के दिन जरूर दिखाया है। नॉमिनेशन के बाद 5 से 10 की संख्या में प्रत्याशी घर-घर पहुंच कर मतदाताओं से संपर्क कर अपने पक्ष में मतदान की अपील कर रहे हैं। तेज धूप में भी प्रचार की गति को धीमा कर दिया है।

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