त्रिवेणीकांत ठाकुर साहित्य और पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित:सुबोध को शिवगीत, कृष्णमोहन को साहित्य और अभिजीत को समाचार लेखन में पुरस्कार

हजारीबाग2 महीने पहले
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डीवीसी सभागार हजारीबाग में आयोजित कवि सम्मेलन सह पुरस्कार वितरण समारोह में शहर के दो साहित्यकार और एक मीडिया कर्मी को त्रिवेणी कांत ठाकुर साहित्य और पत्रकार अवार्ड प्रदान किया गया। मैथिली के रचनाकार कृष्ण मोहन झा को गद्य और पद्य लेखन के लिए, हिंदी कहानी लेखन के लिए विनोबा भावे विश्वविद्यालय स्नातकोत्तर हिंदी विभाग के शिक्षक डॉ सुबोध सिंह शिवगीत को त्रिवेणी कांत ठाकुर साहित्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

हजारीबाग में लगभग 60 साल से अंग्रेजी अखबार के लिए लिखनेवाले संवाददाता अभिजीत sen को त्रिवेणी कांत ठाकुर पत्रकार पुरस्कार प्रदान किया गया। सेन अंग्रेजी अखबार के साथ समाचार एजेंसी और प्रसार भारती के लिए भी लंबे समय तक काम किया है। पुरस्कृत होने वाले तीनों साहित्यकार और संवाददाता को प्रशस्ति पत्र मिंटू और सौल देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन त्रिवेणी कांत ठाकुर मेमोरियल ट्रस्ट ने किया था।

पुरस्कृत होनेवालों को डॉ सजल मुखर्जी, रतन वर्मा और समारोह का संचालन कर रहे हित नाथ झा ने सम्मानित किया। आयोजन की शुरुआत रेखा झा के मैथिली देवी गीत से किया गया। समारोह में पहुंचे हिंदी, उर्दू, खोरठा और बंगला में लिखने वाले रचनाकारों ने अपनी कविताओं का पाठ किया। रामगढ़ से आए सरोज झा झारखंडी ने अपनी कविता-यह साजिशों का दौर है खुद को सम्हाला कीजिए, वर्तमान के ढांचा में खुद को ढाला कीजिए...सुनाया। नटखट अजीमाबादी ने विद्यालयों में शुरू किए गए ड्राइव टू एजुकेशन के प्रावधानों पर तंज कसते हुए अपनी कविता पढ़ी- जिस डंडे से मार पड़ी थी हमने वह डंडा छीन लिया, जितने भी उस्ताद थे उन सब का रुतबा छीन लिया...सुनाया। बीपी पोद्दार ने पुरानी और वर्तमान पीढ़ी के बीच बनी दूरी को इंगित करते हुए अपनी कविता सुनाया-बच्चे बड़े हो गए हैं खूब जानते हैं अंग्रेजी, हमें कहते हैं अभी तक लटके हो हिंदी और गणित में..।

अन्य कवियों में अरविंद कुमार झा मोना बग्गा अन्नू अब्दुल्लाह हाशमी और अनंत ज्ञान ने अपनी कविताएं पढ़ी। समारोह को संबोधित करते हुए ट्रस्ट के सचिव राकेश ठाकुर ने कहा त्रिवेणी कांत ठाकुर के नाम पर साहित्यकारों का सम्मान होता आया है इस साल से हमने साहित्य के अलावा दूसरे क्षेत्र में लिखने वाले लोगों को भी सम्मानित करने का कार्य प्रारंभ किया है। आयोजन में बटेश्वर प्रसाद मेहता राकेश गुप्ता राजीव झा सहित अन्य शामिल थे।

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