भास्कर एक्सक्लूसिव:एसपी साहब मेरी बाइक जमा ले लीजिए, मेरे नंबर का अपराधी कर रहे हैं इस्तेमाल पुलिस बार-बार बुला कर करती है जांच

हजारीबागएक महीने पहले
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बाइक के साथ एसपी कार्यालय पहुंचा भुक्तभोगी परिवार। - Dainik Bhaskar
बाइक के साथ एसपी कार्यालय पहुंचा भुक्तभोगी परिवार।

एसपी साहब आप मेरी बाइक जमा करा लीजिए, अपराधी मेरे नंबर का इस्तेमाल आपराधिक घटना काे अंजाम दे रहे हैं। बार-बार पुलिस मुझे बाइक का सत्यापन के लिए फाेन कर कभी रांची ताे कभी रामगढ़ बुलाती है। उक्त गुहार लगाने हजारीबाग एसपी कार्यालय पहुंचा चरही का एक परिवार। इसमें महिला पुरुष भी शामिल थे। सभी काफी परेशान थे।

उन्होंने एसपी से गुहार लगाया कि एसपी साहब मेरी मोटरसाइकिल के नंबर का अपराधी के द्वारा दुरुपयोग किया जा रहा है। अपराधी मेरे नंबर की मोटरसाइकिल से स्नैचिंग लूट जैसी घटना को अंजाम दे रहे हैं और संबंधित थानों में सफाई देने के लिए मुझे पहुंचना पड़ रहा है पूरे परिवार का जीना मुहाल हो गया है।

इसलिए ऐसा करें की जब तक अपराधी नहीं पकड़े जाते और वह मोटरसाइकिल बरामद नहीं हो जाता जिसमें हमारी मोटरसाइकिल का नंबर का उपयोग किया जा रहा है तब तक मेरी मोटरसाइकिल को जमा ले ले। मोटरसाइकिल हम पूरे परिवार के लिए गले की हड्डी बन गई है।

सीसीटीवी में दिखता है बीएस-6 मॉडल, युवक की बाइक है बीएस-4, पूरा परिवार है मुश्किल में
चरही निवासी गौतम कुमार प्रजापति ने बताया कि स्नैचिंग की घटना हाेती है ताे पुलिस मुझे काॅल करती है। जब जब अपराधी किसी घटना काे अंजाम देते हैं तब तब मुझे परेशानी हो रही है और पुलिस का कॉल अा जाता है। मुझे अपनी सफाई देनी पड़ रही है।

पांचवीं घटना है जब रामगढ़ में स्नैचिंग की अपराध पर पुलिस ने मोटरसाइकिल लेकर बुलाया। कहा कि मेरी अपाची मोटरसाइकिल का नंबर जेएच 02 यूई 7581 है। जिसका मॉडल बीएस 4 है जबकि सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा अपराध में प्रयुक्त अपाची मोटरसाइकिल का मॉडल बीएस-6 है।

अहम बात यह है कि अपराधी जहां भी घटना को अंजाम देते हैं वहां प्रयुक्त मोटरसाइकिल की फर्जी नंबर को सीसीटीवी में स्पष्ट दिखाते हैं जिससे गौतम की परेशानी बढ़ती है। एसपी ने उसकी फरियाद सुन कर उसे आश्वासन दिया कि इस मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

बाइक के नंबर का हाे रहा गलत इस्तेमाल : एसपी
एसपी मनोज रतन चौथे ने कहा कि इस तरह का मामला आया है। नंबर डुप्लीकेसी का मामला है ।आवेदक के मोटरसाइकिल के नंबर का मिस यूज किया जा रहा है। उसके नंबर को लगाकर अपराध हो रहा है। यह अपराध अब तक रामगढ़-रांची में होने की सूचना मिली है।

इसमें अब तक के वेरिफिकेशन में प्रथम दृष्टया आवेदक की गलती नहीं है फिर भी मुख्य आरोपी को डिटेक्ट करने की कार्रवाई हम कर रहे हैं। मोटरसाइकिल धारक हमारे जिले के चरही का रहने वाला है लेकिन अब तक उसके मोटरसाइकिल के नंबर से हजारीबाग जिले में अपराध नहीं हुआ है फिर भी अपराधी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए हमारी टीम लगी हुई है।

उन्होंने कहा कि थंब इंप्रेशन से पैसे की निकासी करने में ग्राहक के थंब इंप्रेशन का भी दुरुपयोग हो रहा है। इस संबंध में तीन एफआईआर किए जा चुके हैं। थंब इंप्रेशन से विश्वसनीय संस्थानों से ही पैसे की निकासी करें अन्यथा ओटीपी सिस्टम का उपयोग करें।

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