जांच रिपोर्ट:शहर में दूसरी गाय में दिखे लंपी संक्रमण के लक्षण, लिया सैंपल

हजारीबाग2 महीने पहले
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हजारीबाग शहर में भी लंबी वायरस पांव पसारने लगा है। पहले शहर के कानी बाजार इलाके में एक बेघर मवेशी में यह वायरस देखने को मिला और अब हजारीबाग शहर के हरी नगर स्थित जय प्रकाश मार्ग में एक गाय में इसके लक्षण दिखा है। गाय 7 महीने की गर्भवती है उसे इस बीमारी ने अपनी चपेट में ले लिया। इसके मालिक राहुल यादव के अनुसार तेज़ बुखार के साथ कंपकंपी लगती है।

पूरे शरीर में दाने-दाने उग आए हैं और पैर के खुर फटने लगे हैं। इसके पूर्व कानी बाजार में पीड़ित गाय में वायरस की पुष्टि के लिए भेजे गए सैंपल की जांच रिपोर्ट 12 दिन बाद भी नहीं आई है। जांच के सैंपल लेकर रांची भेजा गया था, जहां से उसे भोपाल भेजे जाने की बात कही गई है क्योंकि इसकी जांच की सुविधा आसपास उपलब्ध नहीं है। हरि नगर में गर्भवती गाय की पीड़ित होने की सूचना पर प्रांतीयकृत पशु चिकित्सालय के कर्मी आकर सैंपल ले ग‌ए हैं।

बताया गया है कि लंबी वायरस स्किन डिजीज पशुओं की एक वायरल बीमारी है जो कि पॉक्स वायरस द्वारा पशुओं में फैलती है। यह रोग मच्छर काटने वाली मक्खी एवं टिक्स आदि से एक पशु से दूसरे पशुओं में फैलती है। विशेष कर गौ वंशीय पशु, गाय बैल, बछड़ा, भैंस आदि में फैलती है। इसका टीका नहीं बना है लेकिन भेड़ बकरियों के लिए बने गौट पॉक्स इसमें काम करती है लेकिन वो भी इस वायरस की चपेट में आ चुके पशुओं को नहीं दी जा सकती। रोग की चपेट में नहीं आए पशुओं को बचाव के लिए दी जाती है।

पशु चिकित्सक ने कहा- सबसे पहले गाय को करें क्वारेंटाइन
पशु चिकित्सक डाॅ. मुकेश कुमार सिन्हा के अनुसार पीड़ित गाय को सबसे पहले क्वारंटाइन कर अन्य पशुओं से अलग रखना जरूरी है ताकि अन्य में वायरस न फैले। साथ ही सिम्टमेटिक इलाज करना होता है। नीम का पत्ता उबालकर पूरे शरीर पर लगाने से वायरस मरते हैं। साथ ही बुखार आ रही हो तो बुखार की दवा, भूख न लग रही हो तो उसकी दवा दी जाती है। इसी प्रकार अन्य लक्षणों को देखकर दवा दी जाती है।

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