साइबर फ्रॉड:ठग ने बैंक में जमा डॉक्यूमेंट्स खाताधारक को भेजा

हजारीबाग15 दिन पहले
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हजारीबाग में अब तक जितने भी तरीके से साइबर अपराध होते रहे हैं। 25 जनवरी को साइबर अपराधियों का एक नया तरीका सामने आया है। यह तरीका बैंक की भूमिका पर संदेह जताते हैं। हजारीबाग गांधी मैदान निवासी सेवानिवृत्त सरकारी कर्मी श्रीकांत पांडेय से फ्रॉड की कोशिश हुई।

साइबर अपराधी ने फ्रॉड करने के लिए खाताधारक को इतना विश्वास में लिया कि बैंक में जमा किए गए सारे डाक्यूमेंट्स का हवाला उसने दिया। यहां तक कि व्हाट्सएप से उसने दस्तावेज भी भेजें। सवाल यह उठता है कि जो दस्तावेज गोपनीय होते हैं और बैंक को दिया जाता है वह दस्तावेज उस साइबर अपराधी तक कैसे पहुंचा।

इस संबंध में पेंशनधारी श्रीकांत पांडेय ने कोर्रा थाना में आवेदन दिया है। आवेदन में कहा है कि वे सेवानिवृत्त सरकारी कर्मी हैं। पेंशनधारी हैं। उनका पेंशन भुगतान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया पीबीबी मटवारी ब्रांच से होता है। 24 जनवरी को शाम 4:19 बजे उनके मोबाइल पर 943399 4306 नंबर से फोन आया ।फोन कर्ता ने उनका नाम लेते हुए खुद को ब्रांच मैनेजर बताया। कहा कि मैं ब्रांच मैनेजर बोल रहा हूं सभी पेंशन धारियों की खाते की ऑडिट हो रही है। इसमें केवाईसी अद्यतन किया जा रहा है। उसने खाता धारक का आधार नंबर, पैन नंबर अकाउंट नंबर, पेंशन स्वीकृति का डिटेल्स बताया।

यह सब जानकारी देते हुए खाताधारक को विश्वास में ले लिया। उसने सभी नंबरों का मिलान करने के लिए अपने ओरिजिनल डाक्यूमेंट्स से कहा। खाताधारक ने सारे डाक्यूमेंट्स का मिलान किया सब सही मिले। उसने यहां तक बता दिया कि आपने लाइफ सर्टिफिकेट बैंक को 7 नवंबर 2022 को जमा किया है।

साइबर अपराधी ने कहा कि आप नेट बैंकिंग चलाते हैं। इसके लिए ₹1500 प्रतिमाह कट रहा है। इस पर खाताधारक ने कहा कि मैं नेट बैंकिंग नहीं उपयोग करता हूं। फिर नेट बैंकिंग बंद करने के लिए एक मैसेज भेजने की बात कही और कहा कि उसमें जो ओटीपी जाएगा उसे मुझे बता देंगे तो मैं आपका एक्टिव नेट बैंकिंग को बंद कर दूंगा। खैर हुआ कि खाताधारक ने तत्काल संदेह जताते हुए बैंक पहुंचकर शाखा प्रबंधक को सारी जानकारी दी और अकाउंट को फ्रीज कराते हुए एटीएम को होल्ड करवाया।

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