राहत की सांस...:जिले में माओवादी बंदी के तीन दिन खत्म आज से दौड़ेंगी रांची-चाईबासा रोड पर 40 यात्री बसें

चाईबासा2 महीने पहले
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सोनुआ-गोइलकेरा मुख्य सड़क के टुनियां में भाकपा माओवादियों का टांगा गया बैनर व सुनसान रास्ता। - Dainik Bhaskar
सोनुआ-गोइलकेरा मुख्य सड़क के टुनियां में भाकपा माओवादियों का टांगा गया बैनर व सुनसान रास्ता।

भाकपा माओवादियों के तीन दिवसीय बंदी के दौरान माओवादी संगठन पोस्टर वार तक ही सीमित रहा। इस दौरान कोई बड़ी घटना को माओवादियों ने अंजाम नहीं दिया वहीं, 3 दिनों के माओवादी बंदी के दौरान रांची से चाईबासा तक चलने वाली करीब 40 बसें नहीं चली। शुक्रवार की सुबह से इस रूट पर सभी बसों का परिचालन सामान्य हो जाएगा।

माओवादियों ने इस बंद के दौरान पश्चिम सिंहभूम जिला के केरा झरझरा, सोनुआ और गोइलकेरा इलाके में तबड़तोड़ पोस्टर वार कर दहशत फैलाने की कोशिश की। इस दौरान माओवादियों के द्वारा 27 नवंबर को भी एक दिवसीय बंदी बुलाए जाने की सूचना है। तीन दिनों तक के बंदी का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण इलाके में ही पड़ा। इधर, भाकपा माओवादी नक्सली संगठन द्वारा आहूत तीन दिनों के बंद के दौरान गुरुवार की सुबह सोनुआ-गोईलकेरा मुख्य सड़क के टुनियां चौक के पास भाकपा माओवादियों का लाल रंग का बैनर टंगा हुआ मिला।

जिसकी सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बैनर को बरामद कर लिया। भाकपा माओवादी नक्सली संगठन द्वारा इस बैनर में तीन दिनों के बंद को सफल बनाने की अपील की गई थी। वहीं, भाकपा माओवादियों के बंद का सोनुआ और गुदड़ी क्षेत्र में तीसरे दिन गुरुवार को भी व्यापक असर रहा। बाजार की दुकानें बंद रही और क्षेत्र के बैंक भी बंद रहे। यात्री वाहन भी नहीं चले, जिससे आने-जाने में समस्या हुई।

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