सदर अस्पताल:रोरो के 9 डायरिया मरीज इलाज के लिए पहुंचे सदर अस्पताल

चाईबासा2 महीने पहले
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  • खूंटपानी व टोंटो के बॉर्डर पर डायरिया का प्रकोप

चाईबासा से 25 किलोमीटर दूर जंगल से सटे रोरो गांव में डायरिया का कहर अभी भी जारी है। पिछले एक सप्ताह पूर्व इस गांव में डायरिया से आधा दर्जन लोगों की मौत हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव में हेल्थ कैंप लगाए जाने के बाद से कुछ हद तक डायरिया कंट्रोल में जरूर है। लेकिन खूंटपानी व टोंटो प्रखंड के बॉर्डर पर बसे रोरो, अंजेडबेड़ा, बाईहातू व बिरसिंहहातू में कुछ कुछ दिनों के अंतराल में डायरिया अभी भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। बुधवार को रोरो से डायरिया पीड़ित 9 लोगों को सदर अस्पताल लाया गया।

जिसमें चार बच्चों सहित 1 महिला और 5 पुरुष शामिल हैं। जिसमें 37 वर्षीय रायमुन मुटकन, 30 वर्षीय पाईकिराये मुटकन, 30 वर्षीया कीता मुटकन, 11 वर्षीया जींगी मुटकन, 8 वर्षीया कैरी मुटकन, 6 वर्षीया मोनी मुटकन सभी एक परिवार के हैं। वहीं, 26 वर्षीय ब्रजमोहन दोराईबुरू, 19 वर्षाय नामसिंह कुंकल और 5 वर्षाय बच्चा तुरी कुंकल शामिल हैं। वहीं बगल के अंजेडबेड़ा गांव में भी डायरिया थमने का नाम नहीं ले रहा। अंजेडबेड़ा से डायरिया पीड़ित 24 वर्षीया महिला नानिका तामसोय एवं उसकी देवरानी 16 वर्षीया किशोरी चारीबा तामसोय को भी मंगलवार के दिन सदर अस्पताल में एडमिट कराया गया है।

बगल के बिरसिंहहातू के डायरिया पीड़ित 17 वर्षीया किशोरी गोरबारी सुन्डी, मडकम हातु के40 वर्षाय सूरज प्रकाश कुंकल और 30 वर्षीया महिला सोमवारी कुंकल और अन्य रीना सुन्डी को मंगलवार के दिन सदर अस्पताल में एडमिट कराया गया है। इसके अलावा मेल वार्ड व फीमेल वार्ड में भी अलग अलग क्षेत्रों के 6 से अधिक मरीज इलाजरत हैं।

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