बाल विकास पर कार्यशाला:बच्चों में 90% विकास शुरुआत के 3 वर्षों में : डीसी

चाईबासाएक महीने पहले
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कार्यशाला में उपस्थित उपायुक्त और विभिन्न विभागों के अधिकारी। - Dainik Bhaskar
कार्यशाला में उपस्थित उपायुक्त और विभिन्न विभागों के अधिकारी।
  • जिला समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में उपायुक्त की अध्यक्षता में प्रारंभिक बाल विकास पर कार्यशाला

जिला समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में उपायुक्त अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में प्रारंभिक बाल विकास (अर्ली चाइल्ड डेवलपमेंट) विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती अनीशा कुजूर, जिला पंचायती राज पदाधिकारी विपिन कुमार सिंह, जिला शिक्षा अधीक्षक अनिल चौधरी सहित तीन प्रखंडों सदर चाईबासा, खूंटपानी एवं मंझारी के शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला-बाल विकास एवं पंचायती राज पदाधिकारी उपस्थिति थे।

कार्यशाला में उपायुक्त ने कहा कि बच्चे के प्रारंभिक बाल विकास पर सभी विभागों को एक अभिसरण के रूप में कार्य करने की आवश्यकता है। बच्चों में लगभग 85 से 90% मस्तिष्क का विकास जीवन के शुरुआती 3 वर्षों में हो जाता है। इसलिए जरूरी है कि बच्चों के प्रथम 1000 दिनों पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाए। कार्यशाला में सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. संजय कुजूर के द्वारा बच्चों के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मातृत्व देखभाल सुरक्षा कार्ड के विषय से अवगत करवाया गया।

इस कार्ड में गर्भावस्था के दौरान नवजात शिशु की देखभाल के लिए महत्वपूर्ण बिंदु एवं नवजात शिशु के लिए खतरे के लक्षणों के बारे में बताया गया। उक्त उन्मुखीकरण कार्यशाला के माध्यम से उपस्थित पदाधिकारियों को प्रसव पूर्व देखभाल, टीकाकरण एवं बेहतर स्वास्थ, नवजात शिशु की देखभाल एवं कंगारू मदर केयर, स्तनपान की आवश्यकता, खानपान की व्यवस्था, स्वच्छता एवं साफ सुथरा खेलने का स्थान, संपूरक एवं उत्तरदायी खानपान, लिंग भेद एवं हिंसा का रोकथाम, प्रशिक्षित दाई की भूमिका, जन्म पंजीकरण का महत्व, प्रारंभिक प्रोत्साहन व देखभाल के बारे में बताया गया।

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