उपलब्धि:बहरागोड़ा के अनूप सत्पती बने वाल्टेयर डिवीजन के डीआरएम

चाईबासा3 महीने पहलेलेखक: संतोष वर्मा
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अपनी पत्नी के साथ डीआरएम अनूप सत्पती। - Dainik Bhaskar
अपनी पत्नी के साथ डीआरएम अनूप सत्पती।
  • कोल्हान के उड़िया भाषा-भाषी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बने बहरागोड़ा के अनूप सतपती

कोल्हान ही नहीं पूरे झारखंड के उड़िया भाषा भाषी के लोगों के लिए गर्व की बात है कि ओड़िया समुदाय का पहला युवक अनूप सत्पती भारतीय रेल में रेल प्रबंधक के पद पदस्थापित है। वैसे आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक बने हैं अनूप सत्पती। कोलहान का पश्चिमी सिंहभूम जहां लौह-आयस्क के उत्खन्न को लेकर पूरे विश्व में प्रसिद्ध है, उसी प्रकार जमशेदपुर लौहा उत्पादन के लिए विख्यात है।

इसी तरह पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा निवासी 1993 बैच के आईआरटीएस अधिकारी अनूप कुमार सत्पती को रेलवे बोर्ड ने पूर्व तटीय रेलवे के वाल्टेयर रेल मंडल का रेल प्रबंधक राष्ट्रपति के अनुमोदन पर बनाया गया है। पूर्वी सिंहभूम के झारखंड-ओडिशा सीमा से लगे बहरागोड़ा में जन्म लिए अनूप सत्पती की गिनती भारतीय रेल में तेज तर्रार अधिकारियों मेंं होती है।

छत्तीसगढ़ के सहडोल में बतौर एरिया मैनेजर भारतीय रेल में सेवा देने के बाद मंडल परिचालन प्रबंधक और वरीय मंडल परिचालन प्रबंधक के रूप में चक्रधरपुर मंडल में लगभग तीन वर्षों तक इनका कार्यकाल रहा। जहां वे मालयात के लिए नया कृतिमान स्थापित करने में सफल रहे। जिन्हें रेलवे वोर्ड द्वारा सम्मानित भी किया गया था।

इसके बाद दक्षिण-पूर्व रेलवे के मुख्यालय कोलकाता में डिप्टी सीओएम, डिप्टी मुख्य सुरक्षा संगरक्षा पदाधिकारी फिर बिलासपुर मंडल में उप मुख्य वाणिज्य प्रबंधक के पद पर कार्य किए। फिर कोंकण रेलवे नागपुर का महाप्रबंधक बनाया गया, जहां उन्होंने बांग्लादेश से मालयाता का ढुलाई शुरू कराया, कोरोना काल में भी कोंकण रेलवे को माल ढुलाई में कृतिमान बनाया।

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