युवा महासभा:हो समाज की संस्कृतियों के अनुपालन के लिए पारंपरिक धोती से किया गया सम्मानित

चाईबासा2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • आदिवासी हो समाज महासभा की ओर से अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस को लेकर कुंदुबेड़ा में ग्रामसभा

आदिवासी हो समाज महासभा एवं आदिवासी हो समाज युवा महासभा की ओर से इस बार अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस को तीन दिवसीय कार्यक्रम के पहले शनिवार को कुंदुबेड़ा गांव में समाज की सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधि को प्रोत्साहित करने के वास्ते भ्रमण किया।

ग्रामसभा में हो समाज की संस्कृतियों का अनुपालन करने में अग्रणी होने के कारण प्रोत्साहित किया गया। कुंदुबेड़ा गांव हो समाज के बहुत से सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों का पालन करता है। लगभग हर घर में आदिवासी खटिया (कारकोम) बनाने में उपयोग में आने वाले रस्सी का उत्पादन करता है। यह यहां का कुटीर उद्योग है। इस काम के लिए तानी पुरती, सोमा पुरती, और सिदियु पुरती को पारंपरिक धोती से सम्मानित किया गया।

उसी तरह बागान में अग्रणी काम करने के लिए मंगल सिंह पुरती, मंगल सिंह पुरती(छोटा), और सूबेदार पुरती को सम्मानित किया गया। आदिवासी झाड़ु (जोनो) बनाने के विशेषज्ञ गंगाराम पुरती को भी सम्मानित किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रयास के लिए संध्या रानी पुरती को, मुंडा श्री लुकना पुरती एवं दियूरि को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। महासभा ने इस वर्ष के अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस पर अपनी संस्कृति को संरक्षित करने के प्रयास के लिए इस प्रोत्साहन की शुरुआत की है।

एकता ही समाज को ताकतवर बनाएगी : केंद्रीय अध्यक्ष

अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस की जानकारी देते हुए पूर्व महासचिव मुकेश बिरुवा ने कहा की इस बार संयुक्त राष्ट्र संघ ने स्पष्ट किया है कि दुनिया की सरकारों ने आदिवासियों के अधिकारों को जो संयुक्त राष्ट्र संघ ने घोषित किए हैं, उसका अनुपालन करने में व्यापक कोताही बरती है, इसीलिए इस बार आदिवासियों से अपना दावा प्रस्तुत करने की उम्मीद की गई है। सरकारों से हम आदिवासियों का रिश्ता किन शर्तों पर होना चाहिए। हमें अब नया सामाजिक अनुबंध के लिए तैयार होना है, ताकि हम आदिवासियों का समाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक उत्थान हो सके।

इसी नया सामाजिक अनुबंध को गढ़ने के लिए महासभा को गांवों सेे जानकारी लेना ज़रूरी है। सेवानिवृत संगठन के अध्यक्ष सुकलाल पुरती ने कहा कि हमें खुशी है कि हो समाज का यह गांव अपनी संस्कृतियों के पालन में अग्रणी है। केंद्रीय अध्यक्ष अर्जुन मुंदुइया ने कहा कि एकता ही समाज को ताक़तवर बनाएगी। 8 अगस्त को देश भर के हो समाज के लोगों से ऑनलाइन संवाद किया जाएगा। जिसमें प्रत्येक प्रखंड, ज़िला, राज्य से देशभर के प्रतिनिधि शामिल होंगे। जिसमें अपने आदिवासियत को कैसे बचाया जा सकेगा और सरकारों के साथ अपना क्या व्यवहार हो, इस पर मंथन होगा।

दिनांक 9 अगस्त को कोविड प्रोटकॉल के तहत एक कार्यक्रम क्लब भवन हरिगुटू में ऑनलाइन लाइव स्ट्रीम के साथ होगी। इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रम तो होंगे ही लेकिन विश्व स्तर पर हो समाज के प्रतिनिधि अमेरिका, नीदरलैंड, एंग्लैंड, और दुबई आदि जगहों से भी जुड़ेंगे। आज के कार्यक्रम में चैतन्य कुंकल, इपिल समड, रामबलि सिंकु, हरिचरण हाईबुरु, गब्बर सिंह, मानसिंह समड, सुरेश पिंगुवा, रामचंद्र जेराई, जोगेस्वर पाट पिंगवा, शंकर सिद्दु, दुदगर पाट पिंगुवा, एवं गांव के लोग उपस्थित थे।

खबरें और भी हैं...