कोरोना का असर / संक्रमित महिला ने 14 मई काे सदर अस्पताल में बेटे काे दिया था जन्म, अब ऑपरेशन थिएटर सील

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  • 100 घराें वाला ढिबरूसाई टाेला जिले का पहला कंटेनमेंट जाेन, डीसी-एसपी 24 घंटे में दाे बार पहुंचे
  • नाै दिन के बच्चे के साथ संक्रमित महिला कोविड अस्पताल में भर्ती

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 07:34 AM IST

चाईबासा. 22 मई को पश्चिमी सिंहभूम जिले में मिले तीन काेराेना संक्रमित में एक बड़ागुइरा ढिबरूसाई टाेला की महिला भी शामिल है। इस महिला का काेई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं होने से जिला प्रशासन भी हैरान-परेशान है। महिला को उसके नौ दिन के बच्चे के साथ चक्रधरपुर में काेविड अस्पताल में भर्ती किया गया है। इन तीनों संक्रमितों के कांटैक्ट ट्रेसिंग के लिए डीसी अरवा राजकमल ने दो टीम तैयार की है। एक टीम सदर प्रखंड के लिए और दूसरी टीम टोंटो प्रखंड के लिए बनाई गई है। यह टीम हाई रिस्क और लाे रिस्क वालों की सूची तैयार करेगी। सदर प्रखंड के लिए तैयार टीम में सदर एसडीओ, बीडीओ, एसडीपीओ और सदर प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी शामिल हैं। टोंटो प्रखंड के लिए तैयार टीम में जगन्नाथपुर एसडीओ, टोंटो बीडीओ, प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी और प्रखंड बाल विकास पदाधिकारी शामिल हैं। 

इधर, सदर प्रखंड के ढिबरुसाई टाेला की महिला के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद शुक्रवार देर रात लगभग 2 बजे डीसी अरवा राजकमल व एसपी इंद्रजीत माहथा गांव पहुंचकर इस टोले को जिले का पहला कंटेनमेंट जाेन घाेषित करते हुए सील कर दिया। इसके आसपास के 2 किमी के दायरे काे बफर जाेन मानकर पुलिस फाेर्स की तैनाती की गई है। करीब दो घंटे तक दोनों अधिकारी वहां रहे। इसके बाद शनिवार दोपहर बाद दोबारा निरीक्षण के लिए वहां पहुंचे। एसपी के निर्देश पर गांव में सदर एसडीपीओ अमर पांडेय पूरी टीम के साथ दिनभर मुस्तैद रहे। डीसी ने कोरोना संक्रमितों की रिपोर्ट निगेटिव आने तक टोले के 100 घरों के लोगों को होम क्वारेंंटाइन रहने का आदेश जारी किया है। टोंटो प्रखंड से मिला 21 वर्षीय कोरोना संक्रमित 18 मई को मुंबई से लौटा था।

इधर, सदर प्रखंड के घाघरी गांव का रहने वाला 26 वर्षीय कोरोना संक्रमित भी 18 मई को बिहार से जिले में पहुंचा था। यह महाराष्ट्र में रोड बनाने वाली एक कंपनी में काम करता था। लेकिन मार्च में ही महाराष्ट्र से बिहार पहुंच गया था। सदर अस्पताल के लेबर रूम के ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में तैनात एक स्वास्थ्यकर्मी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया- 22 मई को खबर मिलने के बाद भी वार्ड को सैनेटाइज करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। उस कर्मचारी ने अपने स्तर से ओटी को सैनेटाइज किया है। ड्यूटी कर रही स्वास्थ्यकर्मियों ने भी सुुरक्षा मानकों के तहत सुविधा देने की मांग की। उनलोगों ने बताया- कोरोना संक्रमित महिला लगभग 12 घंटे अस्पताल में रही। इस दौरान ड्यूटी कर रही जीएनएम सबसे अधिक उस महिला के संपर्क में आई थी। एहतियातन उन्हें क्वारेंटाइन किया जाना चाहिए।

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