नवरात्र:कुरुजुली के बीहड़ में झरनों के बीच बसी हैं मां दुर्गा

चाईबासाएक वर्ष पहले
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  • यहां झरने के बीच मां की ऊं आकार में पत्थर आकृति की पूजा हाेती है

शनिवार काे नवरात्र का पहला दिन है। इस नवरात्र में दैनिक भास्कर सिंहभूम के सुदूरवर्ती पहाड़ी वन कंदराओं में माैजूद मां भगवती के आस्था केंद्रों से पाठकों को रूबरू कराएगा। नवरात्र के पहले दिन बंदगांव की हरी-भरी पहाड़ी घाटियाें के बीच माैजूद दुर्गा दा का दर्शन करें। दुर्गा दा यानि पानी के बीच मां दुर्गा ।

अमूमन हर मंदिर में भगवान शिव और मां दुर्गा यानी पार्वती एक साथ हाेते हैं, लेकिन यहां अलग-अलग हैं। कुरूजुली जंगल में पैदल ही दुर्गा दा जाना हाेगा। यहां झरने के बीच मां की ऊं आकार में पत्थर आकृति की पूजा हाेती है।

नवरात्र में यहां सुनाई पड़ती है बाघाें की गर्जना

दुर्गा दा में घने जंगल और पहाड़ी हाेने के कारण सुरमयी वातावरण ताे बना रहता है। रात हाेने पर भयावह नजारा हाे जाता है। नवरात्र के समय अक्सर बाघ की आवाज यहां सुनाई पड़ती है। इसका उल्लेख अंग्रेज लेखकाें ने भी अपनी पुस्तकाें में किया है।

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