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कहां है सरकार:कोई नहीं सहारा, डेढ़ साल पहले मां की माैत, पिता दूसरी शादी कर ओडिशा भागा

नोवामुंडीएक महीने पहले
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  • नोवामुंडी के जेटेया पंचायत के तीन अनाथ बच्चे कुपोषण के शिकार
  • खाना बना नहीं सकते, इसलिए पानी में चावल फूला खाने को मजबूर तीन मासूम

नोवामुंडी प्रखंड के जेटेया पंचायत अंतर्गत ग्राम लम्पा हेस्सा में तीन अनाथ बच्चे देख रेख और भोजन के अभाव में कुपोषण का शिकार हो घुट घुट कर जिन्दगी और मौत के बीच जीवन बसर करने को मजबूर हैं। इन्हें राशन दुकान की ओर से चावल उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन उम्र में छाेटे हाेने के कारण खाना ताे बना नहीं सकते, इसलिए उसे पानी में फूलाने के बाद खाकर बस जी रहे हैं। वहीं इनकी सुध लेने की फुर्सत मुंडा, मुखिया और न ही मासूम बच्चों का भविष्य संवारने वाली संस्था आंगनबाड़ी की सेविका सहायिका को है। इन तीन अनाथ मासूम बच्चों में मोघो लागुरी 6 वर्ष, सोना लागुरी 4 वर्ष और तीन वर्षीय सुनिराम लागुरी की मां (गुरुवारी लागुरी-35) की करीब डेढ़ वर्ष पूर्व मौत हो गई।

इसके बाद इनके निर्दयी पिता 40 वर्षीय मुकुरू लागुरी अपने तीनों मासूम बच्चों को भगवान भरोसे लावारिस छोड़ एक वर्ष पूर्व उड़ीसा के किसी महिला से शादी कर उड़ीसा में ही बस गया है। तब से उस निर्दयी पिता ने अपने कलेजे के टुकड़ों की सुधि लेने की भी जहमत नहीं उठाया। बच्चों को भूख से तड़पते देख भी इस कोरोना काल मे किसी पड़ोसी तो दूर की बात जन प्रतिनिधियों, मुंडा, मुखिया एवं बाल विकास की आंगन बॉडी सेविका ने भी इन मासूमों को भोजन की व्यवस्था करने का जहमत उठाना जरूरी नहीं समझा। फल स्वरूप बच्चे कुपोषण के शिकार होकर मौत के कगार पर खड़े हैं।

इधर, मंच जैंतगढ़ ने नेत्रहीन वृद्धा के 3 अनाथ बच्चों की सहायता की

प्रखंड के एक आदिवासी परिवार हैं इसमें एक नेत्रहीन दादी मनीषा कोड़ा 60 वर्ष और उसके तीन मासूम पोते रहते हैं। बच्चों के दादा रोया कोड़ा और पिता सोमा कोड़ा दोनों की बहुत पहले मृत्यु हो चुकी है। तथा मां ने दूसरी शादी कर ली है। इस असहाय परिवार में कमाने वाला कोई नहीं। सरकार से जो राशन मिलता है बस उसी के सहारे यह परिवार जिंदा है। दादी को न तो विधवा पेंशन मिलती है और न ही वृद्धा पेंशन मिलता है। इनके पास इन्दिरा आवास भी नहीं है। जैंतगढ़ टीम ने बच्चों की माँ से भी मिला वह बीच-बीच में बच्चों से मिलने आती है। उसने कहा कि वह अकेले इन बच्चों की जिम्मेदारी नहीं उठा सकती। ये परिवार जगन्नाथपुर प्रखंड के मालुका पंचायत के जींतुगूड़ा गावं ऊपर टोला में रहता है। इसी पंचायत में तीनों जनप्रतिनिधि रहते है, परंतु कभी कोई सुध लेने नहीं आया। टीम ने सूचना पाकर मदद को आगे आया। टीम ने खाने का सामान और कपड़े आदि के साथ 1000 रुपए असहाय परिवार को मदद की गई। इस अवसर पर झारखंड प्रदेश मुस्लिम विकास मंच के जैंतगढ़ टीम के प्रदेश यूथ प्रभारी आमिर राशिद सहित टीम के सदस्य शारीक राजा, हसीन अख्तर आदि थे।

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